लघु वनोपज माहुल पत्ता संग्रहण एवं दोना पत्तल प्रसंस्करण स्व सहायता समूहों के लिए बना आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम

लघु वनोपज माहुल पत्ता संग्रहण एवं दोना पत्तल प्रसंस्करण स्व सहायता समूहों के लिए बना आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम

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अम्बिकापुर / छत्तीसगढ़ शासन राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा वन धन विकास योजना अंतर्गत निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर लघु वनोपज का संग्रहण किया जाता है। ग्राम स्तर पर महिला स्व सहायता समूह के द्वारा अच्छे गुणवत्ता युक्त एवं बड़े आकार के लघु वनोपज माहुल के पत्तों को तोड़कर माहुल पत्ता का संग्रहण जंगलों में जाकर किया जा रहा है। माहुल पत्ता संग्रहण से 1500 रुपए प्रति क्विंटल की दर से संग्राहकों को आय प्राप्त होती है।वहीं दूसरी ओर संग्रहित माहुल पत्ता का वन धन विकास केन्द्र पर समूह की महिलाओं द्वारा दोना पत्तल आदि बनाया जाता है, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त होती है।
इसी कड़ी में सरगुजा वृत्त के मुख्य वन संरक्षक के मार्गदर्शन में सरगुजा वनवृत्त अंतर्गत जिला कोरिया के वन धन विकास केंन्द्र सोनहत के एकता महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा द्वितीयक प्रसंस्करण कर बायो डिग्रेडबल दोना पत्तल निर्मित किया जा रहा है। समूह के 13 महिलाएं मेहनत एवं लगन के साथ दोना पत्तल निर्माण कर अतिरिक्त आय प्राप्त कर रहीं हैं। इन महिलाओं द्वारा संग्रहित माहुल पत्ता को वित्तीय वर्ष 2023-24 में 32 संग्राहकों द्वारा कुल 49.85 क्विंटल खरीदी की गई। माहुल दोना पत्तल विक्रय से अब तक 3.55 लाख रूपए की आय प्राप्त हुई।
बता दें कि विगत चार वर्षों में ऐसे समूहों के द्वारा कुल 7.31 लाख दोना पत्तल निर्माण कर संघ एवं विभिन्न मार्ट के माध्यम से विक्रय किया गया है, माहुल पत्तल से बने दोना-पत्तल बायो डिग्रेडबल होने के कारण उत्पाद का बहुतायत में मांग है।