
रंगों से सजा छत्तीसगढ़: होली की खुशियां और नमाज की पाकीजगी का अनूठा संगम
छत्तीसगढ़ में रंगों का उल्लास और अमन का पैगाम: देशभर में शांतिपूर्ण रही होली और नमाज
रायपुर, 14 मार्च: छत्तीसगढ़ में इस बार होली का त्योहार हर्षोल्लास और सौहार्द के रंगों से सराबोर रहा। राजधानी रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, अंबिकापुर और जगदलपुर समेत पूरे प्रदेश में होली का उत्साह देखने को मिला। रंग-गुलाल, ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक लोकगीतों के साथ लोगों ने इस पर्व को धूमधाम से मनाया।
इस बार होली और जुमे की नमाज एक ही दिन होने के कारण प्रशासन ने विशेष सुरक्षा इंतजाम किए थे। पुलिस और स्थानीय प्रशासन की सतर्कता तथा समाज के सभी वर्गों की समझदारी से त्योहार पूरी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्द्रपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
होली की मस्ती में झूमे शहर और गांव
छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, कोरबा, अंबिकापुर और महासमुंद में सुबह से ही होली का रंग देखने को मिला। बाजारों में रंग-बिरंगी गुलाल, पिचकारियां और पारंपरिक मिठाइयों की धूम रही।
रायपुर में तेलीबांधा तालाब, बूढ़ा तालाब और जय स्तंभ चौक पर लोगों ने बड़े उत्साह के साथ होली मनाई।
बिलासपुर और दुर्ग-भिलाई में युवाओं ने सड़कों पर निकलकर अबीर-गुलाल उड़ाया और ढोल-नगाड़ों पर नाचते-गाते हुए होली की मस्ती में डूब गए।
अंबिकापुर, कोरिया और सरगुजा अंचल में पारंपरिक फाग गीतों और मृदंग की थाप पर होली के रंग बिखरे।
बस्तर और दंतेवाड़ा में आदिवासी समुदायों ने अपनी पारंपरिक शैली में फागुन मड़ई और पारंपरिक नृत्यों के साथ होली का जश्न मनाया।
गुजिया, ठंडाई और पकवानों की महक हर गली-मोहल्ले में फैली रही। बच्चे पिचकारियों से रंग खेलते नजर आए, तो वहीं बुजुर्गों ने आपसी भाईचारे की मिसाल पेश करते हुए होली मिलन समारोहों में हिस्सा लिया।
जुमे की नमाज भी रही शांतिपूर्ण
होली के दिन जुमे की नमाज पड़ने के कारण प्रशासन की सतर्कता और बढ़ गई थी। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, कांकेर और अन्य प्रमुख शहरों में मस्जिदों के आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
कई स्थानों पर हिंदू और मुस्लिम समुदायों ने एक-दूसरे को त्योहार की शुभकामनाएं दीं। नमाज के बाद कई जगहों पर सामूहिक दुआएं मांगी गईं और अमन-चैन की प्रार्थना की गई।
रायपुर के कोतवाली मस्जिद, बिलासपुर की जामा मस्जिद और दुर्ग की बड़ी मस्जिद समेत अन्य प्रमुख स्थानों पर शांतिपूर्वक नमाज अदा की गई।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
छत्तीसगढ़ में पुलिस प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतते हुए प्रमुख बाजारों, धार्मिक स्थलों और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती की थी।
ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी गई।
संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की गई।
पुलिस और प्रशासन की मुस्तैदी तथा आम नागरिकों की जागरूकता के चलते कहीं से भी कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
नेताओं और सामाजिक संगठनों ने दिया भाईचारे का संदेश
होली के अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा, “होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम और भाईचारे का प्रतीक भी है। इस बार जुमे की नमाज भी इसी दिन थी, और छत्तीसगढ़ के लोगों ने फिर से अपनी गंगा-जमुनी तहजीब को साबित किया।”
सामाजिक संगठनों ने सांप्रदायिक सौहार्द्र बनाए रखने के लिए ‘सद्भावना यात्रा’ और ‘होली मिलन समारोह’ का आयोजन किया, जहां विभिन्न समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर त्योहार की शुभकामनाएं दीं।
परिवहन सेवाओं पर असर, लेकिन दोपहर बाद बहाल हुई व्यवस्थाएं
होली के कारण राज्य के कई शहरों में सुबह सार्वजनिक परिवहन सेवाएं प्रभावित रहीं।
रायपुर और बिलासपुर में बस सेवाएं सुबह के समय बंद रहीं, जो दोपहर बाद बहाल कर दी गईं।
रायपुर मेट्रो परियोजना के तहत ट्रायल रन भी कुछ घंटों के लिए रोका गया।
रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर भी सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे।
बॉलीवुड और खेल जगत में भी दिखा होली का रंग
छत्तीसगढ़ के फिल्म प्रेमियों ने बॉलीवुड सितारों के होली सेलिब्रेशन की झलक भी सोशल मीडिया पर देखी।
इस साल छत्तीसगढ़ में होली का पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्द्रपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। प्रशासन की सक्रियता, लोगों की समझदारी और सामाजिक संगठनों की पहल ने यह सुनिश्चित किया कि रंगों का यह पर्व प्रेम, भाईचारे और एकता का संदेश दे।
छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी सौहार्द्र की मिसाल पेश की, जिससे पूरे देश को प्रेम और शांति का संदेश मिला।