Advertisement

बालक का प्रथम पाठशाला उसका घर माता-पिता प्रथम गुरु -सत्यनारायण जायसवाल

बालक का प्रथम पाठशाला उसका घर माता-पिता प्रथम गुरु -सत्यनारायण जायसवाल

गोपाल सिंह विद्रोही //प्रदेश खबर प्रमुख छत्तीसगढ़//बिश्रामपुर -बालक का प्रथम पाठशाला उसका घर एवं माता पिता प्रथम गुरु । गुरु एक कुम्हार के समान होता है जो नन्हे मुन्ने बालकों को गढ़ कर मिट्टी के पात्र कि तरह उसे महान बनाता है।

Gemini_Generated_Image_fohysbfohysbfohy
WhatsApp-Image-2026-03-12-at-6.48.17-PM-1-298x300 (1)
sjjj

उक्त बाते पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं भाजपा की वरिष्ठ नेता सत्यनारायण जायसवाल ने अमर ज्योति सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल परिसर में साला प्रवेश उत्सव के आयोजन में मुख्य अतिथि के आसंदी से कही। इन्होंने आगे कहा कि पालक अपने बच्चों को सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय भेजते हैं जिसे गुरुवृंद बच्चों को सर्वांगीण विकास के लिए तैयार करते है या यूं कहे कि बच्चों को महान बनाने में माता-पिता गुरु तीनों का बराबर का हाथ होता है।
किया गया।
उक्त अवसर पर श्री जायसवाल ने आरटीई के अंतर्गत नामांकित छात्रों को निशुल्क ड्रेस और पुस्तकें वितरित की ।

कार्यक्रम में काफ़ी संख्या में छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों की उपस्थिति रही। अन्य अतिथियों ने भी छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

file_0000000093d882119d122d54d9d757b5
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.38
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40 (1)
WhatsApp-Image-2026-08-15-at-00.21.47