शालाओं को युक्तियुक्तकरण किए जाने हेतु कलेक्टर की अध्यक्षता में बैठक हुई आयोजित

शालाओं को युक्तियुक्तकरण किए जाने हेतु कलेक्टर की अध्यक्षता में बैठक हुई आयोजित

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युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता एवं समय सीमा में पूरा करने के दिए निर्देश

एकरूपता से जिले के सभी ब्लॉक में प्रक्रिया को कराएं पूर्ण : कलेक्टर

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कोरबा //जिले में संचालित शालाओं को युक्तियुक्तकरण किए जाने के संबंध में कलेक्टर अजीत वसंत की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक आयोजित हुई। उन्होंने राज्य शासन के निर्देशानुसार प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता एवं समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत संबित मिश्रा, निगमायुक्त श्रीमती प्रतिष्ठा ममगाई, जिला शिक्षा अधिकारी टी पी उपाध्याय, सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सहित शिक्षा विभाग एवं महिला बाल विकास के अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शालाओं के युक्तियुक्तकरण में राज्य शासन से प्राप्त निर्देशों का पूर्णतः पालन होना चाहिए। युक्तियुक्त करण हेतु जिला स्तरीय एवं खण्ड स्तरीय समिति का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि जिले में यह प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता एवं निर्धारित समय सीमा में निर्विवाद रूप से पूरी होनी चाहिए। इस हेतु विभागीय अधिकारी पूरी सावधानी से बिना किसी गलती के संभावना के युक्तियुक्त करण हेतु शाला एवं शिक्षकों की सूची तैयार करें। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि प्रक्रिया को पूरा कराने हेतु जिले के सभी ब्लॉक में सिंगल क्राइटेरिया का पालन होना चाहिए। खण्ड स्तरीय समिति के काम करने का तरीके में किसी भी दशा में भिन्नता नहीं होनी चाहिए। किसी भी ब्लॉक से प्रक्रिया के सम्बंध में किसी प्रकार की शिकायत नहीं आनी चाहिए। कोई भी ऐसा काम नहीं होना चाहिए जिससे शिक्षकों को आपत्ति हो। सभी बीईओ शासन के जारी गाइड लाइन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने कहा कि प्रक्रिया के पूर्ण होने से शिक्षा विभाग में शिक्षकों की कमी की समस्या लगभग खत्म हो जायेगी। बच्चों के अध्यापन हेतु सभी विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध होंगे। जिससे बच्चों की पढ़ाई स्तर में सुधार होगा। इस हेतु अधिकारी इस कार्य को गम्भीरता से लेते हुए टाइम लिमिट में पूर्ण करें। जिले में 31 जुलाई 2024 तक शालाओं में दर्ज बच्चों की संख्या को आधार मानकर विद्यालयों की सूची तैयार करें, साथ ही जिले में अतिशेष शिक्षको की संख्या, शिक्षक विहीन शाला, एकल शिक्षक वाले विद्यालय की सूची भी समय सीमा में समिति को प्रस्तुत करने के लिए कहा। उन्होंने खण्ड स्तरीय समिति में शामिल एसडीएम एवं महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी कर्मचारियों को शिक्षा विभाग को पूर्ण सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए।