शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण करना सेट अप 2008 का उलंघन है -अनुपम फिलिप

शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण करना सेट अप 2008 का उलंघन है -अनुपम फिलिप

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गोपाल सिंह विद्रोही//प्रदेश खबर प्रमुख छत्तीसगढ़//बिश्रामपुर -सुरजपुर – राज्य सरकार ने शासकीय विद्यालयों को एक दूसरे से विलय करने हेतु युक्तियुक्तकरण नियम लागू कर दिया है। इसके अंतर्गत होने वाले अतिशेष सरकारी शिक्षकों को अन्य विद्यालयों में पदस्थ करने की तैयारी है।

उक्त बाते प्रदेश कॉंग्रेस संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता अनुपम फिलिप ने कहा कि प्रदेश के सरकारी शिक्षकों पर युक्तियुक्तकरण का अव्यवहारिक नियम लादना अन्यायपूर्ण है। यह शिक्षानीति सेट-अप 2008 का उल्लंघन है। विलय होने पर प्रदेश के अनुमानित 4 हजार से अधिक शासकीय विद्यालयों का अस्तित्व ही समाप्त हो जायेगा। जिसके दुष्परिणाम में हजारों सरकारी शिक्षकों के पद भी समाप्त हो जायेंगे। उक्त शासकीय विद्यालयों में कार्यरत हजारों मध्यान्ह भोजन निर्माण और वितरण करने वाली महिला स्व सहायता समूह, रसोइये और स्वीपर भी तत्काल प्रभाव से बेरोज़गार हो जायेंगे।जिन शासकीय विद्यालयों में नियमित शिक्षक के पद रिक्त है उनमें अब नियुक्तियां होने के आसार नहीं दिखते।यह प्रदेशभर के बी.एड, डी.एड योग्तायधारी सहित शिक्षित युवाओं भविष्य पर दोहरा कुठाराघात है।

कॉंग्रेस प्रदेश प्रवक्ता अनुपम फिलिप ने कहा कि पूर्व की भाजपा सरकार के 15 वर्षों के शासनकाल में युक्तियुक्तकरण के नाम पर 3500 शासकीय विद्यालयों को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। जिसके दुष्परिणाम से हज़ारों शिक्षक के पद ख़त्म कर दिये गये। जो आज तक दुबारा सृजित नहीं किये जा सके।

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प्रदेश कॉंग्रेस प्रवक्ता अनुपम फिलिप ने कहा कि सरकार शिक्षकों का शोषण करने जा रही है। विद्यालय-शिक्षक अनुपात सेटअप बदलने से अतिरिक्त शिक्षक अतिशेष हो जायेंगे। प्रधान पाठकों को भी साधारण शिक्षक जैसी सेवाएं देनी पड़ेगी। उनकी गरिमा का ह्रास होगा। विद्यालय में काम का अनावश्यक बोझ बढ़ जायेगा। शिक्षा के गुणवत्ता में कमी आयेगी। पदोन्नति के लिए योग्य शिक्षकों को भी प्रतीक्षा करना होगा।

प्रदेश कॉंग्रेस प्रवक्ता अनुपम फिलिप ने कहा कि पिछले कॉंग्रेस शासनकाल में कई बंद सरकारी विद्यालयों को खोला गया था। जिनमें घनघोर नक्सली प्रभावित क्षेत्रों के कई वर्षों से बंद विद्यालय में शामिल थे। शिक्षकों की सीधी भर्ती की गई थी। स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोलकर गरीब बच्चों को मुफ्त में अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा प्रदान करने का युग प्रारंभ किया।16 स्थानीय बोली भाषा में बच्चों को अध्यापन कराया जाता था।

प्रदेश कॉंग्रेस प्रवक्ता अनुपम फिलिप ने कहा कि राज्य सरकार को युक्तियुक्तकरण के इस बेढंगे नियम को तत्काल प्रभाव से वापस लेना चाहिए। इस तरह के अन्यायपूर्ण नियम से शिक्षक परिवारों में भविष्य के प्रति अनिश्चितता का भाव उत्पन्न हो गया है। राज्य सरकार को सबसे पहले शिक्षकों को विश्वास में लेना चाहिए था।