रक्षाबंधन के पावन अवसर पर स्नेह मिलन कार्यक्रम का आयोजन

रक्षाबंधन के पावन अवसर पर स्नेह मिलन कार्यक्रम का आयोजन

WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

अम्बिकापुर///प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवा केन्द्र अम्बिकापुर के द्वारा रक्षाबंधन के पावन अवसर पर स्नेह मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें नवा बिहान नशामुक्ति जागरूकता एवं परामर्श केंद्र से जुड़े स्वैच्छिक संगठनों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवा केन्द्र के संचालिका ब्र.कु विद्या दीदी ने सभी उपस्थित सदस्यों को तिलक लगाकर रक्षा सूत्र बांधा तथा उन्हें मिठाई खिलाकर भाई -बहिन के पवित्र रिश्ते को एक सूत्र में बांधने एवं मजबूत करने का संदेश दिया।साथ ही एक बुराई छोड़ने एवं एक अच्छाई अपनाने हेतु संकल्प पत्र स्वयं सभी भाईयों के द्वारा भरा गया। प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवा केन्द्र की संचालिका ब्र. कु विद्या दीदी के द्वारा अपने उद्बोधन में बताया रक्षाबंधन का यह त्यौहार पवित्रता का पर्व है जहां एक दो की रक्षा सुरक्षा का भाव मन में होता है वर्तमान समय सभी संबंधों में अपवित्रता दुख कष्ट एवं असुरक्षा की भावना समस्त संसार परिवार को हर पल पीड़ा दे रहा है वास्तव में हम सब एक परमपिता परमात्मा की संतान आपस में भाई-बहन और परमात्मा हम सब का मात पिता है इस श्रेष्ठ भाव में रहने से हमारे विचार एवं व्यवहार शुद्ध हो जाते हैं आपसी वैर प्रेम एवं शुभकामना में बदलते जाता है यह रक्षाबंधन का त्यौहार हमें यह संदेश देता है की एक पिता की संतान होने के नाते आपस में भाई-बहन है यह भाई बहन का पवित्र संबंध का भाव रखने से हम सुरक्षित अनुभव कर सकते है और यही रक्षाबंधन का वास्तविक अर्थ है उन्होंने मेडिटेशन द्वारा सबको परमात्मा संबंधों की अनुभूति कराई।
वरिष्ठ समाजसेवी अजय तिवारी जी स्टेट कौंसिल मेम्बर छत्तीसगढ़ आर्ट ऑफ लिविंग ने कहा कि रक्षा बंधन की पूर्णमासी सिद्ध महापुरुषों , ॠषियों को समर्पित है। बंधन का अर्थ है -अधीनता और रक्षा का अर्थ है -सुरक्षा जो बंधन हमारी सुरक्षा करता है।बहन शक्ति की प्रतीक है, बहन भाई का और भाई बहन की रक्षा का संकल्प लेते हैं।इस पुनीत त्योहार के अवसर पर हम सभी को परिवार,जाति,समाज, धर्म राष्ट्र की सीमा से बाहर निकल कर विश्व की सम्पूर्ण नारी शक्ति की सुरक्षा का संकल्प एवं जिम्मेदारी लेने का दिवस है रक्षा बंधन। वरिष्ठ समाजसेवी मंगल पाण्डेय संयोजक नवा बिहान नशामुक्ति जागरूकता अभियान एवं परामर्श केंद्र सह सचिव चिराग सोशल वेलफेयर सोसायटी ने कहा कि आज के दौर में सोशल मीडिया एवं अन्य प्लेटफार्मों पर इस पवित्र पर्व रक्षाबंधन के संबंध में जो नकारात्मक संदेश दिए जा रहे हैं। जिससे इस पवित्र पर्व का उपहास हो रहा है। अतः आज से हम सभी ये ध्यान रखें कि नकारात्मक संदेशों को न फैलाएं। सामाजसेवी , कवि संतोष दास “भाई बहन के पावन रिश्तों के महत्व को चार पंक्तियों में अत्यंत सुन्दर तरीके से रखते हुए रक्षा बंधन पर्व की सभी को शुभकामनाएं दी –
बंधन नहीं ये कच्चे धागों का।
निश्छल प्रेम ये सच्चे वादों का ।।
भाई – बहन ऐसे नहीं मिलते ।
रिश्ता तो है जन्मों से धागों का ।।
युवा समाजसेवी समन्वयक अनिल कुमार मिश्रा मुख्य कार्यकारी छत्तीसगढ़ प्रचार एवं विकास संस्थान ने कहा कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवा केन्द्र की संचालिका ब्र. कु विद्या बहन के मार्गदर्शन में हम सभी समाज में व्याप्त सामाजिक कुरीतियों को दूर करने हेतु चुनौतियों को स्वीकार करते हुए सकारात्मक पहल करेंगे। इस स्नेह मिलन कार्यक्रम में समाज सेवी एवं अधिवक्ता विजय शंकर तिवारी जी, उमाशंकर पाण्डेय जी,अमृत लाल प्रधान जी, अंचल ओझा जी,अंजूलस लकड़ा जी, बहन एलिजाबेथ कुजूर,हिना खान, रीना ठाकुर ,अर्णव कुमार , तपेश्वर , अर्पित प्रधान आदि ने सहभागिता की।