मजदूरों के शोषण के खिलाफ़ संयुक्त कोयला मजदूर संघ का 29 अगस्त को आन्दोलन!

मजदूरों के शोषण के खिलाफ़ संयुक्त कोयला मजदूर संघ का 29 अगस्त को आन्दोलन

WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0
WhatsApp Image 2026-06-26 at 00.16.05 (1)

गोपाल सिंह विद्रोही //प्रदेश खबर प्रमुख छत्तीसगढ़ //बिश्रामपुर सूरजपुर-श्रमिक संगठन एटक बिश्रामपुर क्षेत्र के तत्वावधान में गायत्री भूमिगत खदान में कार्यरत् ठेका श्रमिकों द्वारा गेनवेल कंपनी एवं एसईसीएल प्रबंधन द्वारा किए जा रहे श्रमिकों के शोषण के विरोध में 29 अगस्त को एक दिवसीय हड़ताल किया जायेगा।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

उक्त जानकारी देते हुए एस के एम एस एटक के क्षेत्रीय सचिव पंकज गर्ग ने बताया कि गायत्री खदान में गेनवेल कंपनी के ठेकेदार द्वारा अधीनस्त ठेका श्रमिकों हाई पावर कमेटी द्वारा तय वेतन भुगतान ना कर श्रमिकों को 550 रू की दर से वेतन भुगतान किया गया। एटक की अगुवाई में लगातार आंदोलन के बाद ठेका श्रमिकों को एरियर भुगतान की बात स्वीकार किया गया किन्तु आज तक श्रमिकों को एरियर भुगतान नहीं किया गया है जिसके कारण ठेका श्रमिकों में भारी नाराजगी है। एसईसीएल प्रबंधन द्वारा ठेकेदार को अनुचित लाभ पहुंचाते हुए बिना किसी आपत्ती के ठेका कंपनी को पूर्ण बिल का भुगतान कर दिया गया।
क्षेत्रीय सचिव ने आरोप लगाया कि प्रबंधन और ठेकेदार की मिलीभगत से ठेका श्रमिकों को प्रतिमाह वेतन का वेतन पर्ची प्रदान नहीं किया जाता है एवं मनमानी तरीके से वेतन का भुगतान किया जाता है, रविवार एवं पीएच के दिन कार्य करवाने के पश्चात् भी सामान्य दिनों की तरह ही वेतन भुगतान किया जाता है। ठेका कर्मचारियों को खदान में चोट लगने पर किसी भी प्रकार का कंपनसेशन या चोट का आकलन नहीं करवाया जाता है और न ही नियमानुसार इसकी रिपोर्टिंग किया जाता है। खान में चोटिल हुए ठेका श्रमिकों को उनके हाल पर छोड़ दिया जाता है। ठेका श्रमिकों के वेतन से हो रहे फंड कटौती के संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी संबंधित कर्मचारियों को नहीं दिया जाता है।
उधर संयुक्त कोयला मजदूर संघ (एटक) के केंद्रीय अध्यक्ष एवं एसईसीएल वेलफेयर बोर्ड के सदस्य का० अजय विश्वकर्मा के ने एसईसीएल के उच्चाधिकारियों से अपील किया है की शीघ्र बिश्रामपुर क्षेत्र में ठेका श्रमिकों के साथ हो रहे अन्याय शोषण पर संज्ञान लेते हुए रोक लगाए एवं ठेका श्रमिकों के वेतन भुगतान में हो रहे कथित भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच हो।