निश्चित समय समय-सीमा में पूर्ण करें निर्माण कार्य : कलेक्टर

निश्चित समय समय-सीमा में पूर्ण करें निर्माण कार्य : कलेक्टर

WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0
WhatsApp Image 2026-06-26 at 00.16.05 (1)

कलेक्टर ने ली निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों की बैठक

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

कोरबा // कलेक्टर अजीत वसंत ने आज कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों को निश्चित समय सीमा में पूर्ण किया जाए। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों को पूर्ण कराने के साथ ही हैंड ओवर करने की भी जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों की है. उन्होंने निर्देश दिए कि गर्ल्स हॉस्टल, दिव्यांग विद्यालय के निर्माण कार्य अक्टूबर माह में हर हाल में पूर्ण करा लिए जायें।
ईई पीएमजीएसवाई को निर्देश दिए कि कुदमुरा श्यांग मार्ग निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए। पी एम जनमन के कार्य प्राथमिकता से पूर्ण करें। ईईआरईएस को निर्देशित किया कि आत्मानंद स्कूल के निर्माण कार्य अगले माह में पूर्ण कर लिए जाएं. ट्रांजिट हॉस्टल, आवास और विद्यालयों के निर्माण कार्य निश्चित समय सीमा में पूर्ण किए जाएं. गृह निर्माण विभाग को निर्देशित किया गया कि कन्वेंशन सेंटर को 10 दिवस में पूर्ण करके हैंड ओवर करें। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि बड़े कार्यों के निर्माण कार्यों की अंतिम राशि के भुगतान हेतु जिला स्तरीय समिति गठित करके समिति के द्वारा कार्यों का सत्यापन कराया जाए। कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त को निर्देशित किया कि पीजी कॉलेज का निर्माण कार्य, जिला चिकित्सालय, अशोक वाटिका तथा एनसीडीसी के निर्माण कार्य निश्चित समय सीमा में दिसंबर तक पूर्ण कर लिए जाएं। ईई जल संसाधन विभाग को निर्देशित किया गया कि जिले में किसानों को लाभान्वित करने के लिए ऐसे उपयुक्त स्थलों का चयन किया जाए जहां पर एनीकट निर्माण किया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए नगरीय निकाय के क्षेत्रों में जनहित कार्य जैसे सामुदायिक भवन, स्ट्रीट लाइट आदि के निर्माण कार्य निगम आयुक्त से चर्चा करके निर्माण कार्य कराएं। ईई आरइएस को निर्देश दिया गया है कि गांव में स्वीकृत नए स्कूल भवनों का निर्माण कार्य अप्रैल 2025 तक हर हाल में पूर्ण कर लिए जाएं ताकि नए शिक्षण सत्र सुचारू रूप से संचालित हो सके।