आज का इतिहास: 15 जुलाई को हुआ था ‘बोइंग’ का जन्म और ‘ऑपरेशन खुखरी’ का शंखनाद, जानें मुख्य घटनाएं






आज का इतिहास (15 जुलाई): देश और दुनिया की ऐतिहासिक घटनाएं | Today in History

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आज का इतिहास: 15 जुलाई के पन्नों में दर्ज देश-दुनिया की महागाथा

तारीख: 15 जुलाई | श्रेणी: ज्ञान-विज्ञान & इतिहास | अपडेटेड: आज सुबह 06:00 AM
विशेष संपादकीय: इतिहास केवल बीती हुई घटनाओं का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि यह वह दर्पण है जिसमें हम अपने वर्तमान को संवारते हैं। आज यानी 15 जुलाई का दिन इतिहास के दृष्टिकोण से वैश्विक स्तर पर विज्ञान, राजनीति, विमानन, और सुरक्षा के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण मोड़ लेकर आया। आज ही के दिन दुनिया की सबसे बड़ी विमान निर्माता कंपनियों में से एक ‘बोइंग’ की नींव पड़ी थी, और आज ही के दिन भारतीय सेना के उस महान जांबाज ब्रिगेडियर का जन्म हुआ था जिन्होंने पाकिस्तान के बड़े ऑफर्स को ठुकराकर भारत माता की गोद में वीरगति पाना स्वीकार किया। आइए इस महा-बुलेटिन में विस्तार से जानते हैं 15 जुलाई का सम्पूर्ण इतिहास।

1. 15 जुलाई की सबसे बड़ी ऐतिहासिक घटनाएँ (Big Headline Events)

हवाई जहाज निर्माता कंपनी ‘बोइंग’ (Boeing) की शुरुआत (1916)

आज का दिन विमानन उद्योग (Aviation Industry) के लिए एक मील का पत्थर है। 15 जुलाई 1916 को अमेरिकी उद्योगपति विलियम बोइंग ने सिएटल, वाशिंगटन में ‘पैसिफिक एयरो प्रोडक्ट्स कंपनी’ की स्थापना की थी। बाद में इस कंपनी का नाम बदलकर ‘बोइंग कंपनी’ कर दिया गया। आज बोइंग दुनिया का सबसे बड़ा एयरोस्पेस कॉर्पोरेशन है, जो वाणिज्यिक जेट विमानों, रक्षा उपकरणों, अंतरिक्ष प्रणालियों और सुरक्षा प्रणालियों का निर्माण करता है। इस कंपनी की स्थापना के बाद से ही दुनिया में हवाई यात्राओं का स्वरूप पूरी तरह बदल गया।

क्या आप जानते हैं? विलियम बोइंग ने अपनी पहली उड़ान एक कर्टिस सीप्लेन में भरी थी, और जब उन्होंने पाया कि वह विमान सुरक्षा और डिजाइन के मामले में बहुत साधारण था, तो उन्होंने खुद इससे बेहतर विमान डिजाइन करने का फैसला किया। इसी जुनून ने ‘बोइंग’ को जन्म दिया।

एलोइस अल्जाइमर के नाम पर पड़ा ‘अल्जाइमर बीमारी’ का नाम (1910)

चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में आज के दिन को एक बड़े घटनाक्रम के रूप में याद किया जाता है। 15 जुलाई 1910 को जर्मन मनोचिकित्सक एमिल क्रेपेलिन ने नैदानिक ​​मनोचिकित्सा की अपनी पाठ्यपुस्तक में इस रहस्यमयी बीमारी का नामकरण अपने सहयोगी डॉ. एलोइस अल्जाइमर के नाम पर ‘अल्जाइमर डिजीज’ (Alzheimer’s Disease) रखा। अल्जाइमर भूलने और मानसिक संतुलन धीरे-धीरे खोने से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है, जिसके लक्षणों और मस्तिष्क की शारीरिक बनावट में आने वाले बदलावों की पहचान सबसे पहले एलोइस अल्जाइमर ने ही की थी।

‘ला मार्सिले’ (La Marseillaise) बना फ्रांस का राष्ट्रगान (1795)

यूरोपीय क्रांति और राष्ट्रवाद के इतिहास में 15 जुलाई का दिन गौरवशाली माना जाता है। साल 1795 में आज ही के दिन फ्रांसीसी राष्ट्रीय सम्मेलन ने ‘ला मार्सिले’ को फ्रांस के राष्ट्रगान के रूप में आधिकारिक तौर पर अपनाया था। क्लॉड जोसेफ रूगेट डी लिसले द्वारा 1792 में लिखे गए इस गीत ने फ्रांसीसी क्रांति के दौरान सैनिकों और आम नागरिकों के भीतर स्वतंत्रता और समानता के प्रति एक नया जोश फूंक दिया था। आज भी यह दुनिया के सबसे प्रभावशाली और वीर रस से भरे राष्ट्रगानों में गिना जाता है।

अल्बर्ट आइंस्टीन और नोबेल पुरस्कार विजेताओं की ‘मैनाउ घोषणा’ (1955)

शीत युद्ध (Cold War) के चरम काल के दौरान, 15 जुलाई 1955 को दुनिया के 18 नोबेल पुरस्कार विजेताओं ने जर्मनी के मैनाउ द्वीप पर परमाणु हथियारों के खिलाफ एक ऐतिहासिक घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए, जिसे ‘मैनाउ घोषणा’ (Mainau Declaration) कहा जाता है। इसमें चेतावनी दी गई थी कि यदि मानवता ने युद्धों और विशेष रूप से परमाणु हथियारों के प्रयोग को स्वेच्छा से समाप्त नहीं किया, तो परमाणु युद्ध पूरी मानव सभ्यता का अंत कर देगा। बाद में इस पत्र पर अल्बर्ट आइंस्टीन सहित कुल 52 नोबेल पुरस्कार विजेताओं ने अपने हस्ताक्षर किए थे।

2. भारतीय इतिहास के संदर्भ में 15 जुलाई का महत्व

वीर ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान का जन्म (1912)

15 जुलाई 1912 को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में भारतीय सेना के सबसे जांबाज और देशभक्त सैन्य अधिकारियों में से एक, ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान का जन्म हुआ था। उन्हें भारतीय सैन्य इतिहास में ‘नौशेरा का शेर’ (Lion of Naushera) कहा जाता है। 1947 के भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौरान, मोहम्मद अली जिन्ना और लियाकत अली खान ने उन्हें मुस्लिम होने के नाते पाकिस्तानी सेना में आने का न्योता दिया था और उन्हें सेना प्रमुख (Army Chief) बनाने का प्रलोभन दिया था। लेकिन उस्मान ने इस सांप्रदायिक और देशद्रोही प्रस्ताव को सिरे से ठुकरा दिया और भारतीय सेना में बने रहे। 1948 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान नौशेरा सेक्टर की रक्षा करते हुए वह वीरगति को प्राप्त हुए थे।

मोरारजी देसाई ने प्रधानमंत्री पद से दिया इस्तीफा (1979)

भारतीय राजनीति के पन्नों में 15 जुलाई 1979 का दिन एक बड़े सत्ता परिवर्तन का गवाह बना। आपातकाल के बाद बनी देश की पहली गैर-कांग्रेसी सरकार के मुखिया, प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने आंतरिक मतभेदों और राजनीतिक खींचतान के चलते राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। जनता पार्टी सरकार के भीतर आपसी गुटबाजी इतनी बढ़ गई थी कि सरकार अल्पमत में आ गई, जिसके बाद मोरारजी देसाई ने बिना अविश्वास प्रस्ताव का सामना किए इस्तीफा देना ही बेहतर समझा।

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सिएरा लियोन में भारतीय सेना का शौर्य: ‘ऑपरेशन खुखरी’ की जीत (2000)

अफ्रीकी देश सिएरा लियोन में संयुक्त राष्ट्र शांति सेना (UN Peacekeeping Force) के हिस्से के रूप में तैनात भारतीय सैनिकों को वहां के विद्रोही संगठन ‘रिवोल्यूशनरी यूनाइटेड फ्रंट’ (RUF) ने कई महीनों से बंधक बना रखा था। भारतीय सेना ने अद्भुत शौर्य दिखाते हुए 15 जुलाई 2000 को ‘ऑपरेशन खुखरी’ (Operation Khukri) को सफलतापूर्वक अंजाम दिया और बिना किसी भारतीय सैनिक को खोए, अपने सभी 200 से अधिक बंधक सैनिकों को सुरक्षित मुक्त करा लिया। इस ऑपरेशन ने वैश्विक स्तर पर भारतीय सेना की रणनीतिक और युद्धक क्षमता का लोहा मनवाया।

रणनीतिक गौरव: ‘ऑपरेशन खुखरी’ के नायक मेजर जनरल राजपाल पुनिया ने अपनी पुस्तक में इस बात का विस्तार से वर्णन किया है कि कैसे भारतीय वायु सेना और थल सेना के जांबाजों ने सिएरा लियोन के घने जंगलों में घुसकर विद्रोहियों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था।

3. 15 जुलाई की महत्वपूर्ण घटनाओं की कालानुक्रमिक सूची (Timeline)

नीचे दी गई विस्तृत सूची में आप वर्षवार तरीके से 15 जुलाई को घटित हुई वैश्विक और राष्ट्रीय घटनाओं को पढ़ सकते हैं:

1099

यरूशलम पर क्रूसेडर्स का कब्जा: प्रथम क्रूसेड (धर्मयुद्ध) के दौरान ईसाई सैनिकों ने यरूशलम के फातिमिद खलीफा के नियंत्रण वाले शहर पर कब्जा कर लिया और भयानक कत्लेआम मचाया।

1410

ग्रुनवाल्ड की लड़ाई: पोलैंड और लिथुआनिया के संयुक्त बलों ने ट्यूटनिक नाइट्स (Teutonic Knights) की शक्तिशाली सेना को करारी शिकस्त दी। इसे मध्यकालीन यूरोप की सबसे बड़ी लड़ाइयों में गिना जाता है।

1662

रॉयल सोसाइटी को मिला चार्टर: इंग्लैंड के राजा चार्ल्स द्वितीय ने लंदन में विज्ञान को बढ़ावा देने वाली दुनिया की प्रतिष्ठित संस्था ‘रॉयल सोसाइटी’ (Royal Society) के चार्टर को मंजूरी दी।

1799

रोज़ेटा स्टोन की खोज: फ्रांसीसी सैनिक पियरे-फ्रांस्वा बुचार्ड को मिस्र के बंदरगाह शहर राशिद (रोज़ेटा) में एक काले रंग का बेसाल्ट पत्थर मिला, जिस पर प्राचीन मिस्र की चित्रलिपि (Hieroglyphics) खुदी हुई थी। इसी पत्थर की मदद से आधुनिक वैज्ञानिकों को मिस्र की प्राचीन भाषा को समझने में सफलता मिली।

1904

लॉस एंजिल्स में पहला बौद्ध मंदिर: संयुक्त राज्य अमेरिका के लॉस एंजिल्स शहर में पहले बौद्ध मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हुआ, जिसने पश्चिमी देशों में पूर्वी दर्शन और अध्यात्म के प्रसार का मार्ग प्रशस्त किया।

1948

पेप्सू (PEPSU) की स्थापना: पटियाला और पूर्वी पंजाब राज्य संघ (Patiala and East Punjab States Union) का गठन भारत के स्वतंत्र होने के बाद किया गया था, जिसमें तत्कालीन पंजाब क्षेत्र की आठ रियासतों को मिलाया गया था।

1984

पंजाब को ‘आतंकवाद प्रभावित क्षेत्र’ घोषित किया गया: ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद राज्य में पैदा हुए अत्यंत तनावपूर्ण और उग्रवादी हालातों को देखते हुए भारत सरकार ने पूरे पंजाब सूबे को विशेष सुरक्षा कानूनों के तहत आतंकवाद प्रभावित क्षेत्र घोषित किया।

1997

डिजाइनर गियानी वर्साचे की हत्या: दुनिया के मशहूर और बेहद लोकप्रिय इतालवी फैशन डिजाइनर गियानी वर्साचे (Gianni Versace) की उनके मियामी बीच स्थित बंगले के बाहर सिरफिरे हत्यारे एंड्रयू कुनानन ने गोली मारकर हत्या कर दी।

2006

माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ‘ट्विटर’ की शुरुआत: जैक डॉर्सी, नूह ग्लास, बिज़ स्टोन और इवान विलियम्स द्वारा स्थापित किया गया सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्विटर’ (Twitter) आज ही के दिन आम जनता के लिए लॉन्च किया गया था, जिसने वैश्विक सूचना तंत्र और नागरिक पत्रकारिता को हमेशा के लिए बदल दिया।

4. 15 जुलाई को जन्मे महत्वपूर्ण व्यक्तित्व (Birthdays on July 15)

आज के दिन दुनिया में कई ऐसी विभूतियों ने जन्म लिया, जिन्होंने समाज, कला, राजनीति और उद्योग जगत में अपना अमूल्य योगदान दिया:

जन्म वर्ष नाम विशेष योगदान / परिचय
1606 रेम्ब्रांट (Rembrandt) डच इतिहास के सबसे महान चित्रकारों और प्रिंटमेकर्स में से एक, जिनकी कलाकृतियां आज भी दुनिया के शीर्ष संग्रहालयों की शान हैं।
1783 सर जमशेदजी जीजीभाई भारत के प्रसिद्ध व्यवसायी, उद्योगपति और महान दानवीर, जिन्होंने मुंबई (बॉम्बे) में कई अस्पतालों, कुओं, सड़कों और शैक्षणिक संस्थानों का निर्माण करवाया।
1858 एमेलिन पंखर्स्ट (Emmeline Pankhurst) ब्रिटिश राजनीतिक कार्यकर्ता और महिलाओं को मतदान का अधिकार दिलाने वाले आंदोलन (Suffragette Movement) की प्रणेता।
1903 के. कामराज (K. Kamaraj) स्वतंत्रता सेनानी, तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कद्दावर नेता, जिन्हें भारत में ‘किंगमेकर’ के रूप में जाना जाता है। उन्हें मरणोपरांत ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया था।
1930 जैक डेरिडा (Jacques Derrida) विश्व प्रसिद्ध फ्रांसीसी दार्शनिक और ‘विखंडनवाद’ (Deconstruction) के सिद्धांत के जनक।
1950 एरियाना हफिंगटन (Arianna Huffington) प्रसिद्ध ग्रीक-अमेरिकी लेखिका, उद्यमी और दुनिया की चर्चित न्यूज वेबसाइट ‘द हफिंगटन पोस्ट’ (The Huffington Post) की सह-संस्थापक।

5. 15 जुलाई को हुए प्रमुख निधन (Obituaries on July 15)

आज ही के दिन कई ऐसी हस्तियों ने इस भौतिक संसार को अलविदा कहा, जिनका काम और नाम आज भी अमर है:

  • 1904: एंटोन चेखव (Anton Chekhov) – रूस के महानतम नाटककार और लघु कथाकार, जिनकी रचनाएं जैसे ‘द चेरी ऑर्चर्ड’ और ‘थ्री सिस्टर्स’ आज भी दुनिया भर के रंगमंच पर जीवंत की जाती हैं।
  • 1980: गजानन विश्वनाथ केतकर – भारत के प्रसिद्ध पत्रकार, लेखक और स्वतंत्रता सेनानी, जिन्होंने लोकमान्य तिलक द्वारा स्थापित समाचार पत्र ‘केसरी’ और ‘मराठा’ के संपादक के रूप में लंबे समय तक देश की सेवा की।
  • 2017: मरियाम मिर्जाखानी (Maryam Mirzakhani) – गणित के क्षेत्र का सबसे सर्वोच्च सम्मान ‘फील्ड्स मेडल’ (Fields Medal) जीतने वाली विश्व की पहली महिला और ईरानी गणितज्ञ, जिनका केवल 40 वर्ष की आयु में कैंसर के कारण असामयिक निधन हो गया था।

6. आज के दिन मनाए जाने वाले महत्वपूर्ण दिवस (Important Days Today)

15 जुलाई को विश्व भर में विभिन्न जागरूकता और राष्ट्रीय उत्सवों के रूप में मनाया जाता है:

विश्व युवा कौशल दिवस (World Youth Skills Day)

संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा घोषित यह दिवस हर साल 15 जुलाई को दुनिया भर में युवाओं को रोजगार, बेहतर काम और उद्यमिता के लिए कौशल प्रदान करने के महत्व को रेखांकित करने के लिए मनाया जाता है। भारत सरकार द्वारा इसी दिन ‘स्किल इंडिया मिशन’ की शुरुआत भी की गई थी, जिसका उद्देश्य भारतीय युवाओं को उद्योग-उन्मुख कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना है।

लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता दिवस (तुर्की)

तुर्की में साल 2016 में सैन्य तख्तापलट (Military Coup) की नाकाम कोशिश के खिलाफ देश के नागरिकों और लोकतांत्रिक व्यवस्था की जीत की याद में प्रतिवर्ष 15 जुलाई को यह राष्ट्रीय अवकाश और विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है।


लेखक/संपादक: दैनिक इतिहास डेस्क (Daily History Desk)
स्रोत: राष्ट्रीय अभिलेखागार, पीआईबी, यूनेस्को और ऐतिहासिक दस्तावेज