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समर्थन मूल्य पर धान खरीदी एवं कस्टम मिलिंग की नीति की समीक्षा!

2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी एवं कस्टम मिलिंग की नीति की समीक्षा!

खाद्य मंत्री की अध्यक्षता में मंत्रि-मंडलीय उप समिति की बैठक

रायपुर//खाद्य मंत्री की अध्यक्षता में मंत्रि-मंडलीय उप समिति की बैठक हुई, जिसमें कहा गया कि आगामी खरीफ विपणन वर्ष में 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा जाएगा, किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान खरीदा जाएगा और इलेक्ट्रानिक वेटिंग मशीन का उपयोग पारदर्शी और निर्बाध तरीके से किया जाएगा. मक्का खरीदी केन्द्रों को एनसीसीएफ प्रस्ताव, जूट कमिश्नर और जेम ने बारदाना खरीदने का फैसला किया

महानदी भवन में आज खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल बघेल की अध्यक्षता में मंत्रि-मंडलीय उप समिति की बैठक हुई, जिसका उद्देश्य आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी एवं कस्टम मिलिंग की नीति की समीक्षा कर सुझाव देना था। वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा २० सूत्रीय कार्यान्वयन मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंक राम वर्मा ने बैठक में भाग लिया।

खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने चालू खरीफ विपणन वर्ष में 160 लाख मीट्रिक धान खरीदने का अनुमान लगाया है। यह भी चर्चा हुई कि इस वर्ष राज्य स्थापना दिवस राज्योत्सव और दिपावली का पर्व को ध्यान में रखते हुए 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू की जाएगी या नहीं। लेकिन इस आशय का अंतिम निर्णय राज्य मंत्रि परिषद की बैठक में ही लिया जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक वेटिंग मशीन के माध्यम से राज्य के पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदा गया है। साथ ही, सभी उपार्जन केंद्रों को इलेक्ट्रॉनिक वेटिंग मशीन लगाने का आदेश दिया गया है।

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प्रदेश के किसानों से आसानी से धान खरीदने के लिए सभी आवश्यक सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर भी बैठक में व्यापक चर्चा हुई। जूट कमिश्नर और जेम ने बैठक में धान खरीदने का फैसला किया है ताकि किसानों को आसानी से बारदाना मिल सके।

धान उठाव, कस्टम मिलिंग, केन्द्रीय पूल और छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम में चावल जमा करने और परिवहन के बारे में भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। बातचीत के बाद यह फैसला किया गया कि इस वर्ष भी धान खरीदकर उसे उठाया जाएगा। 31 मार्च तक अनिवार्य धान उठाव करने का फैसला किया गया है।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष छत्तीसगढ़ ने समर्थन मूल्य पर 144.92 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा था। राज्य में वर्तमान में 2058 सहकारी समितियां और 2739 धान उपार्जन केन्द्रों से आगामी खरीफ विपणन वर्ष में 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा जाएगा।

धान खरीदी प्रणाली को सुचारू रूप से चलाने के लिए कम्प्यूटर, इंटरनेट और उपार्जन केंद्रों में आने वाले किसानों के लिए बैठकों का आयोजन करना भी कहा गया है. यह भी कहा गया है कि पेयजल की व्यवस्था होगी।

संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा बैठक में अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती रेणु जी पिल्ले, वित्त सचिव मुकेश बंसल, राजस्व सचिव अविनाश चंपावत, उद्योग सचिव रजत कुमार, मार्कफेड के प्रबंध संचालक रमेश शर्मा और खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध संचालक, मण्डी बोर्ड के प्रबंध संचालक महेन्द्र सवन्नी उपस्थित थे।

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