कलेक्टर की संवेदनशीलता से जिले के 87 बच्चों को मिला स्पांसरशिप योजना का लाभ

कलेक्टर की संवेदनशीलता से जिले के 87 बच्चों को मिला स्पांसरशिप योजना का लाभ

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योजना अंतर्गत अनाथ बच्चों को प्रतिमाह मिलेंगे 4 हजार रूपये

आगे की पढ़ाई और स्वयं के देख-रेख में होगी सहुलियत

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गरियाबंद/ कलेक्टर दीपक अग्रवाल की संवेदनशीलता से गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर 87 अनाथ बच्चों को स्पांसरशिप योजना का लाभ मिल गया है। इस योजना के तहत बच्चों को प्रतिमाह 4 हजार रूपये मिलेंगे। बच्चों को यह राशि उनके 18 वर्ष की आयु होने तक मिलेगी। यह राशि बच्चों के पढ़ाई-लिखाई और स्वयं के देखरेख में काम आयेगी। उल्लेखनीय है कि बिना मां-बाप के असहाय बच्चों को सहायता के लिए कलेक्टर अग्रवाल ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को आवश्यक सहयोग करने के निर्देश दिये थे। इसी तारतम्य में विभाग द्वारा संचालित स्पांसरशिप योजना के तहत प्राप्त आवेदनों का निराकरण करते हुए 87 बच्चों को योजना से लाभान्वित करने की अनुशंसा की गई। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने तत्परता एवं संवेदनशीलता से बच्चों को योजना से लाभ दिलाने के लिए अनुमोदन प्रदान किया। इसके माध्यम से बच्चों को गरीबी और आर्थिक तंगी में जीवन व्यतीत करने की समस्या से निजात मिलेगी। साथ ही असहाय बच्चों को आगे बढ़ने का सहारा मिलेगा। बच्चों को स्वयं के देखरेख एवं दैनिक जरूरतों की आश्यकताओं के लिए दूसरे पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा। योजना से लाभान्वित होने से गरीबी और आर्थिक तकलीफों से गुजर रहे बच्चों की जीवन में खुशहाली की नई राह खुलेगी।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग गरियाबंद श्री अशोक पाण्डेय ने बताया कि जिले के अनाथ एवं असहाय बच्चों जिनके संरक्षक की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर है, मापदंड अनुसार उन्हें स्पांसरशिप योजना से लाभान्वित किये जाने का निर्णय लिया गया है। इसी तारतम्य में आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर परिवार में रह रहे बच्चों के लिए संचालित मिशन वात्सल्य योजना अंतर्गत स्पांसरशिप योजना से 87 बच्चों को लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्यवाही किया गया। विभाग द्वारा बच्चों का सामाजिक आंकलन कर मापदंड संबंधी आवश्यक परीक्षण किया गया व परीक्षण उपरांत बच्चों को लाभ दिलाने प्रकरण तैयार किया गया। तत्पश्चात 87 बच्चों को स्पांसरशिप योजना से लाभान्वित किया गया।