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हायर सेकेण्डरी स्कूल जयनगर में बच्चों को बाल अधिकार कानूनों की दी जा रही है जानकारी

हायर सेकेण्डरी स्कूल जयनगर में बच्चों को बाल अधिकार कानूनों की दी जा रही है जानकारी

सूरजपुर/कलेक्टर एस. जयवर्धन के निर्देश पर जिला कार्यक्रम अधिकारी रमेश साहू के मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण इकाई विभिन्न हायर सेकेण्डरी एवं हाई स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। स्कूलों के खुलने के साथ ही स्कूलों में बच्चों को उनके अधिकारों, बच्चों से संबंधित कानूनों एवं उनके सुरक्षा के उपायों की जानकारी दी जा रही है। विकासखण्ड सूरजपुर हायर सेकेण्डरी स्कूल जयनगर में जागरूकता कार्यक्रम किया गया। जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल ने बच्चों को बाल विवाह अब केवल कुरीति ही नहीं बल्कि अपराध है। बाल विवाह करने में एक लाख जुर्माना एवं दो साल के सजा का प्रावधान है। उन्होने बताया कि बाल विवाह बालिका का विकास रुक जाता साथ ही उनके शिक्षा में अवरोध आ जाता है। कम उम्र में बालिका अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं कर पाती है। इसलिए इस क्षेत्र को बाल विवाह मुक्त कराना है। इस अभियान के लिए सभी बच्चों एवं शिक्षकों, सरपंच, सचिवों एवं अन्य विभाग के सभी को सक्रिय होने की आवश्यकता है।
सभी बच्चों यौन अपराध से बचने की उपायों की भी जानकारी दी गई। साथ ही पॉक्सो एक्ट के संबंध में सभी को जागरूक किया, सभी बच्चों को गुड टच एवं बेड टच की जानकारी दी। सभी बच्चों को चुटपी तोड़ने हेतु जागरूकता किया गया। यौन शोषण से बचने के लिए नो-नो टेल एफ आई आर जैसे सुक के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

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बच्चों को किशोर न्याय अधिनियम के अंतर्गत बाल भिक्षावृत्ति से मुक्त सूरजपुर बनाने में सहयोग का आह्वान किया बच्चों से भिक्षा वृत्ति कराना एक जघन्य अपराध है बच्चों को भिक्षावृत्ति करते देखने पर इसकी सूचना 1098 पर देने का आह्वान किया गया।
बच्चों को नशे से बचाने ले लिए किशोर न्याय अधिनियम में प्रावधान दिए गये है। इसमें बच्चों को नशे में संलिप्त करने के लिए बंद प्रावधान दिये गये है। बच्चा नशे से दुर रहेगा तो आने वाला भविष्य की ठीक होगा और यदि अभी बच्चा नशे में संलिप्त हो जाता है तो हमारा भविष्य भी खराब होने वाला है। इसलिए हमे अपने क्षेत्र के बच्चों को नशे से दूर रखना है और बच्चे अपने अभिभावकों को भी नशे से दूर रहने का आग्रह करें।

अवैध दत्तक ग्रहण के संबंध में भी जानकारी दी गई बताया गया कि बच्चे को गोद लेने और देने की प्रक्रिया किशोर न्याय अधिनियम में दिया गया है। इसके अतिरिक्त किसी प्रकार से भी गोद लेना और गोद देना दोनो अपराध है। जिसमें दोनों को दो वर्ष का सजा एवं एक लाख रुपये जुर्माना का प्रावधान है।

कार्यक्रम में जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल, प्रभारी प्रचार्य श्रीमती कृष्णा नायक, संचालक लीना खाख, श्रीमती आराधना कुशवाहा, श्रीमती नीलम मिंज, श्रीमती सुनीता सिंह, श्रीमती अंजू निगम, श्रीमती शिप्रा यादव, श्रीमती ज्योति शर्मा, श्रीमती तरन्नुम परवीन, श्रीमती पद्मश्री जायसवाल, शिवकुमार साहू, ममता मजूल, श्रीमती सोनम घोष, पवन धीवर उपस्थित थे।

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