
दिल्ली विधानसभा में हंगामा: आंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीरों पर भाजपा-आप आमने-सामने, 12 आप विधायक निलंबित
दिल्ली विधानसभा में हंगामा: आंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीरों पर भाजपा-आप आमने-सामने, 12 आप विधायक निलंबित
दिल्ली // विधानसभा में मंगलवार को उस समय भारी हंगामा देखने को मिला जब बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर और शहीद भगत सिंह की तस्वीरों को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इस विवाद के चलते विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आप के 12 विधायकों को दिनभर के लिए सदन से निलंबित कर दिया।
मंगलवार को दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। इस दौरान आप विधायकों ने सदन में बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीरें लगाने की मांग उठाई। आप विधायकों का आरोप था कि सरकार की ओर से इन महापुरुषों की उपेक्षा की जा रही है।
जब यह मांग सदन में गूँजी तो भाजपा विधायकों ने इसका विरोध किया और कहा कि यह केवल राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश है। इसके बाद सदन में शोर-शराबा शुरू हो गया और देखते ही देखते दोनों पक्षों के विधायक एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
आप विधायकों का कहना है कि बाबा साहेब और भगत सिंह केवल किसी एक दल के नहीं हैं, बल्कि वे पूरे देश के नायक हैं। दिल्ली सरकार ने अपने हर सरकारी दफ्तर में इन दोनों महान हस्तियों की तस्वीरें लगाने का फैसला किया था, लेकिन भाजपा इस फैसले को लागू नहीं होने देना चाहती।
आप विधायक आतिशी, सौरभ भारद्वाज और दुर्गेश पाठक ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि भगवा पार्टी आंबेडकर और भगत सिंह के विचारों से डरती है और इसलिए उनके विचारों को दबाने की कोशिश कर रही है।
भाजपा विधायकों ने इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि आप केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को उछाल रही है। भाजपा के वरिष्ठ नेता विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि भगत सिंह और बाबा साहेब का सम्मान करना सबका कर्तव्य है, लेकिन आप सरकार सिर्फ नाटक कर रही है।
भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार केवल दिखावे के लिए काम कर रही है और असल मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए इस तरह के विवाद खड़े कर रही है।
जब सदन में हंगामा बढ़ता गया तो विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने 12 आप विधायकों को दिनभर के लिए सदन से निलंबित कर दिया। निलंबित किए गए विधायकों में विपक्ष की नेता आतिशी भी शामिल थीं।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सदन की कार्यवाही बाधित करने और अनुशासनहीनता करने वाले विधायकों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना सभी विधायकों की जिम्मेदारी है और बार-बार अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस घटना के बाद दिल्ली की राजनीति गरमा गई है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे पर ट्वीट कर कहा कि भाजपा को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह आंबेडकर और भगत सिंह का सम्मान करती है या नहीं। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा इन महापुरुषों का सम्मान करती है तो उसे दिल्ली विधानसभा में उनकी तस्वीरें लगाने में क्या समस्या है?
भाजपा ने केजरीवाल पर पलटवार करते हुए कहा कि वे केवल ध्यान भटकाने की राजनीति कर रहे हैं और उनकी सरकार जनता के असली मुद्दों से भाग रही है।
सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर खूब बहस हो रही है। कुछ लोग आप के समर्थन में हैं और कह रहे हैं कि आंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीरें हर सरकारी संस्थान में लगनी चाहिए। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि आप केवल चुनावी राजनीति कर रही है और इस मुद्दे को जानबूझकर उछाल रही है।
दिल्ली विधानसभा में आंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीरों को लेकर हुआ यह विवाद एक बड़े राजनीतिक संघर्ष का हिस्सा है। आप और भाजपा दोनों अपने-अपने तरीके से इस मुद्दे को जनता के सामने रख रही हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह विवाद केवल राजनीति तक सीमित रहेगा या वास्तव में इससे कोई सकारात्मक बदलाव आएगा?
यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और क्या राजनीतिक घटनाक्रम सामने आते हैं और दिल्ली की जनता इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है।









