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बस्तर की जनजातीय कला-संस्कृति को पुनर्जीवित करने के लिए मार्च में होगा भव्य ‘बस्तर पंडुम’ उत्सव

बस्तर की जनजातीय कला-संस्कृति को पुनर्जीवित करने के लिए मार्च में होगा भव्य ‘बस्तर पंडुम’ उत्सव

मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए दिए आवश्यक तैयारियों के निर्देश

कांकेर, 27 फरवरी 2025 – बस्तर की विशिष्ट जनजातीय कला एवं संस्कृति को पुनर्जीवित करने और इसे समुचित सम्मान दिलाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार आगामी मार्च माह में ‘बस्तर पंडुम’ उत्सव का भव्य आयोजन करने जा रही है। यह उत्सव ब्लॉक, जिला और संभाग स्तर पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें बस्तर की पारंपरिक कला, संस्कृति, रीति-रिवाज और जनजातीय परंपराओं का व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा।

इस उत्सव की तैयारी सुनिश्चित करने हेतु मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने मंगलवार शाम को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बस्तर संभाग के कमिश्नर, आईजी, सातों जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक निर्देश दिए। इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति एवं आदिम जाति विकास विभाग सोनमणि बोरा, सचिव संस्कृति विभाग अनबलगन पी सहित राज्य शासन के वरिष्ठ उच्चाधिकारी भी उपस्थित रहे।

बस्तर पंडुम: संस्कृति, समरसता और विकास का संगम

वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान सचिव संस्कृति अनबलगन पी ने बताया कि यह आयोजन बस्तर के जनजातीय समुदाय विशेष रूप से युवाओं के बीच समरसता और एकता स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। बस्तर पंडुम से बस्तर की जनता में विश्वास, शांति और विकास को बढ़ावा मिलेगा। इस उत्सव के माध्यम से जनजातीय समाज की सांस्कृतिक पहचान को न केवल संरक्षित किया जाएगा, बल्कि इसे प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा।

उत्सव के अंतर्गत विभिन्न आयोजनों की होगी प्रस्तुति

बस्तर पंडुम के तहत विभिन्न स्तरों पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य प्रदर्शन, पारंपरिक वाद्य यंत्रों की प्रस्तुति, जनजातीय वेशभूषा और आभूषणों का प्रदर्शन, गोदना कला, जनजातीय व्यंजन और पारंपरिक पेय पदार्थों की प्रदर्शनी प्रमुख आकर्षण होंगे।

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विशेष रूप से संभाग स्तर के आयोजन में बस्तर की जनजातीय परंपराओं, रीति-रिवाजों और तीज-त्यौहारों से संबंधित प्रदर्शनी को भी शामिल किया जाएगा। ब्लॉक स्तर पर आयोजित होने वाले बस्तर पंडुम में सभी कलाकारों और प्रतिभागियों को खुली प्रविष्टि (ओपन एंट्री) दी जाएगी। ब्लॉक स्तर से चयनित कलाकार जिला स्तर पर अपनी प्रस्तुति देंगे और वहीं से चयनित प्रतिभागी संभाग स्तर पर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।

जनजातीय समाज के लिए सम्मान और अवसर का मंच

बस्तर पंडुम उत्सव को पूरे क्षेत्र में बड़े हर्षोल्लास के साथ उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। प्रत्येक स्तर पर समाज के प्रमुख व्यक्तियों, वरिष्ठ नागरिकों और जनप्रतिनिधियों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा। जिला एवं संभाग स्तर पर इस आयोजन को और अधिक भव्य बनाने के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित कलाकारों को भी आमंत्रित किया जाएगा।

प्रतिभागियों को मिलेगा सम्मान और पुरस्कार

बस्तर पंडुम के विभिन्न स्तरों पर प्रतियोगिताओं में विजयी होने वाले प्रतिभागियों को नगद पुरस्कार और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बस्तर की लोक कलाओं और सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है, जिससे स्थानीय कलाकारों और कारीगरों को व्यापक स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

इस महोत्सव में बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों, सांस्कृतिक विशेषज्ञों, पर्यटकों और शोधकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है। यह आयोजन न केवल बस्तर की जनजातीय परंपराओं को सहेजने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है, बल्कि यह क्षेत्र के सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगा।

(आगे की जानकारी के लिए आधिकारिक घोषणा की प्रतीक्षा करें।)

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