प्रधानमंत्री आवास योजना में तेजी लाने के निर्देश, स्वच्छता और मनरेगा कार्यों की भी समीक्षा

प्रधानमंत्री आवास योजना में तेजी लाने के निर्देश, स्वच्छता और मनरेगा कार्यों की भी समीक्षा

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बलरामपुर: जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर ने जिला पंचायत सभाकक्ष में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक की। बैठक में मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं मत्स्य पालन विभाग की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन के लिए निर्देशित किया। उन्होंने सभी योजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण करने और निर्माण कार्यों को गति देने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वीकृत आवासों के निर्माण की समीक्षा की गई। श्रीमती तोमर ने निर्देश दिया कि जिन हितग्राहियों को प्रथम किस्त प्राप्त हो चुकी है, वे जल्द से जल्द आवास निर्माण कार्य प्रारंभ कर उसे प्लिंथ स्तर तक पूर्ण करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि दैनिक प्रगति को ट्रैक किया जाए और हितग्राहियों को अगली किस्त समय पर जारी की जाए।

उन्होंने यह भी बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले के लिए आवास निर्माण का वृहद लक्ष्य 55,366 निर्धारित किया गया है, जिसमें से 40,434 आवासों को स्वीकृति दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए ग्राम पंचायत से लेकर जिला स्तर तक के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करना होगा।

श्रीमती तोमर ने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) के अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि आवास निर्माण के लिए आवश्यक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही, तकनीकी मार्गदर्शन के लिए उपअभियंताओं को विशेष जिम्मेदारी दी गई है, ताकि कार्यों में समन्वय बना रहे और प्रगति सुचारू रूप से हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आवास निर्माण कार्य को गुणवत्ता के साथ 30 मार्च तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।

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बैठक में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि मनरेगा के तहत 90 मानव दिवस सृजन को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि श्रमिकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करें और योजना के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करें।

प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) वर्ग के लिए स्वीकृत 3040 आवासों के शीघ्र निर्माण हेतु जनपद सीईओ को निर्देश दिया गया कि वे योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें और इसे समय-सीमा के भीतर पूरा करें। उन्होंने कहा कि यह योजना समाज के वंचित वर्गों को लाभ पहुंचाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसे प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए।

बैठक में मत्स्य विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। जिला पंचायत सीईओ ने अधिकारियों से कहा कि ग्राम पंचायतों में स्थित तालाबों को मत्स्य पालन के लिए लीज पर देने की प्रक्रिया तेज की जाए। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इस दौरान उन्होंने मत्स्य विभाग को अपनी गतिविधियों को बढ़ाने और ग्रामीण स्तर पर मछली पालन को प्रोत्साहित करने हेतु निर्देशित किया।

बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। श्रीमती तोमर ने कहा कि स्वच्छता संबंधी कार्यों को प्राथमिकता दी जाए और गांवों में साफ-सफाई की स्थिति सुधारने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि खुले में शौच मुक्त (ODF) ग्रामों की स्थिति को बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी की जाए और सभी पंचायतों को स्वच्छता संबंधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला स्तरीय अधिकारी, जनपद सीईओ, उपसंचालक मत्स्य विभाग, एसडीओ आरईएस, सब इंजीनियर, पीओ मनरेगा, विकासखंड समन्वयक, समस्त तकनीकी सहायक सहित अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

अंत में जिला पंचायत सीईओ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाएं और सभी योजनाओं के लक्ष्यों को समय पर पूरा करें। उन्होंने कहा कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास की योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इनका सुचारू रूप से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।