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सूरजपुर: श्वानों के लिए स्टरलाइजेशन व रेबीज नियंत्रण अभियान शुरू, पशुधन विभाग ने की नागरिकों से सहयोग की अपील

सूरजपुर: श्वानों के लिए स्टरलाइजेशन व रेबीज नियंत्रण अभियान शुरू, नागरिकों से सहयोग की अपील

सूरजपुर/20 फरवरी 2026/ पशुधन विकास विभाग सूरजपुर द्वारा पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत श्वानों के स्टरलाइजेशन (नसबंदी) का विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम सुप्रीम कोर्ट द्वारा सू-मोटो रिट पिटीशन 2025 में दिए गए निर्देशों के परिपालन में लागू किया गया है।

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि रेबीज एक अत्यंत घातक एवं जानलेवा बीमारी है, जिससे बचाव का एकमात्र प्रभावी उपाय समय पर टीकाकरण है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने पालतू पशुओं का नियमित टीकाकरण अवश्य कराएं।

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रेबीज के लक्षण और खतरे

विशेषज्ञों के अनुसार, रेबीज वायरस मनुष्य एवं पशुओं के तंत्रिका तंत्र को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। इसके प्रारंभिक लक्षणों में सुस्ती, बुखार, उल्टी या मिचली, भूख न लगना शामिल हैं। रोग बढ़ने पर लकवा, सांस लेने और भोजन-पानी निगलने में कठिनाई, अत्यधिक उत्तेजना तथा बिना कारण काटने की प्रवृत्ति भी दिखाई देती है।

काटने की स्थिति में तुरंत करें ये उपाय

पशुधन विकास विभाग ने सलाह दी है कि किसी पशु द्वारा काटे जाने की स्थिति में घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से अच्छी तरह धोएं तथा चिकित्सक से परामर्श लेकर एंटी-रेबीज टीका अवश्य लगवाएं।

विभाग ने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे अपने आसपास के पालतू पशुओं और श्वानों का टीकाकरण कराकर रेबीज जैसी संक्रामक बीमारी की रोकथाम में सक्रिय सहयोग प्रदान करें, ताकि समाज को सुरक्षित और स्वस्थ रखा जा सके।

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