आपसी विवाद में भाई बना हत्यारा, सरगुजा पुलिस ने आरोपी को दबोचा

भाई ने भाई की जान ली: आपसी विवाद में मारपीट से मौत, सरगुजा पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

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सरगुजा, 5 मार्च 2025 – सरगुजा जिले के गांधीनगर थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां आपसी विवाद के दौरान एक युवक ने अपने छोटे भाई पर लोहे के पाइप से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। उपचार के दौरान छोटे भाई की मौत हो गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और घटना में प्रयुक्त हथियार तथा उसके पहने हुए कपड़े भी जब्त कर लिए हैं।

घटना 4 मार्च 2025 की शाम लगभग 6:00 बजे की है। पुलिस को दी गई शिकायत में मृतक के बड़े भाई लव दुबे ने बताया कि उसका मंझला भाई कुश उर्फ छोटू उर्फ गौतम दुबे अक्सर उनके छोटे भाई शुभम दुबे के साथ गाली-गलौज और झगड़ा करता था। घटना वाले दिन भी दोनों भाइयों के बीच विवाद हुआ और इसी दौरान कुश ने शुभम पर लोहे के पाइप से हमला कर दिया। इस हमले से शुभम बेहोश हो गया। परिजन तत्काल उसे अस्पताल लेकर गए, लेकिन उपचार के दौरान शुभम की मौत हो गई।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने सबसे पहले मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की। जांच में आरोपी कुश दुबे के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने पर गांधीनगर थाने में अपराध क्रमांक 159/25 धारा 103(1) बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज किया गया।

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घटना की गंभीरता को देखते हुए गांधीनगर थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मृतक का शव पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। साथ ही, गवाहों के बयान दर्ज किए गए।

आरोपी कुश दुबे को हिरासत में लेकर जब पुलिस ने उससे पूछताछ की, तो उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि पारिवारिक विवाद के चलते उसने अपने छोटे भाई शुभम पर लोहे के पाइप से हमला किया था, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी के पास से घटना में प्रयुक्त हथियार और घटना के दौरान पहने गए कपड़े भी बरामद कर लिए।

पुलिस ने आरोपी कुश दुबे को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। इस पूरी कार्रवाई में गांधीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, उपनिरीक्षक रश्मि सिंह, उपनिरीक्षक नवल किशोर दुबे, आरक्षक अरविंद उपाध्याय, ऋषभ सिंह, जितेंद्र सिंह और धीरज सिंह की अहम भूमिका रही।

इस घटना ने समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि पारिवारिक विवाद किस हद तक खतरनाक हो सकते हैं। महज आपसी कहासुनी और छोटे-मोटे झगड़े अगर समय रहते नहीं सुलझाए जाएं, तो वे घातक रूप ले सकते हैं। यह मामला बताता है कि गुस्से में उठाया गया एक कदम जीवनभर के पछतावे में बदल सकता है।

सरगुजा पुलिस की तत्परता से आरोपी को जल्दी पकड़ लिया गया, लेकिन इस घटना ने एक परिवार को हमेशा के लिए तोड़ दिया। जरूरत इस बात की है कि समाज में जागरूकता फैलाई जाए और लोग अपने गुस्से और विवादों को हिंसा की बजाय बातचीत से सुलझाने की आदत डालें।