परीक्षाओं के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर प्रतिबंध, कलेक्टर ने जारी किए निर्देश

परीक्षाओं के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर प्रतिबंध, कलेक्टर ने जारी किए निर्देश

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जगदलपुर, 06 मार्च 2025 – आगामी वार्षिक परीक्षाओं के मद्देनजर विद्यार्थियों की एकाग्रता एवं अध्ययन में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो, इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 के तहत सख्त कदम उठाए हैं। जिला प्रशासन द्वारा आदेश जारी करते हुए बस्तर जिले में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा और आगामी निर्देशों तक प्रभावी रहेगा।

जारी आदेश के अनुसार, प्रतिदिन प्रातः 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, अधिनियम की धारा 13(1) में उल्लेखित अवसरों को इस प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है। इसका अर्थ यह है कि कुछ विशेष परिस्थितियों में ही ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग की अनुमति दी जा सकेगी।

कोलाहल नियंत्रण अधिनियम की धारा 2 के अंतर्गत परिभाषित शोर-शराबा और अत्यधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले उपकरणों का उपयोग वर्जित रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस नियम का पालन सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा सख्त निगरानी रखी जाएगी।

इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिनियम की धारा 15 के तहत, आदेश की अवहेलना करने पर दंडनीय कार्रवाई की जा सकती है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे इस नियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें और किसी भी तरह की ढील न दी जाए।

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हालांकि, प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि आवश्यक हुआ तो नगर दंडाधिकारी जगदलपुर एवं समस्त अनुविभागीय दंडाधिकारियों को उनके क्षेत्राधिकार के अंतर्गत धारा 2(घ) की शक्तियों के तहत अधिनियम की धारा 7 के प्रयोजन के लिए सीमित अवधि के लिए अनुमति देने का अधिकार दिया गया है। इसका अर्थ यह है कि यदि किसी विशेष अवसर पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग की आवश्यकता होगी, तो संबंधित अधिकारी अनुमति प्रदान कर सकते हैं, लेकिन यह पूरी तरह से प्रशासन के विवेक पर निर्भर करेगा।

प्रशासन ने यह निर्णय छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया है। परीक्षा के दौरान छात्रों को एक शांत वातावरण उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक होता है, ताकि वे बिना किसी व्यवधान के अपनी तैयारी कर सकें। पिछले वर्षों में भी प्रशासन ने इसी प्रकार के आदेश जारी किए थे, जिससे सकारात्मक परिणाम सामने आए थे। इस बार भी प्रशासन का उद्देश्य यही है कि परीक्षार्थी अपनी परीक्षा की तैयारी बिना किसी बाधा के कर सकें।

प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे इस आदेश का सख्ती से पालन करें और छात्रों की पढ़ाई में सहयोग करें। समाज के प्रत्येक वर्ग से यह अपेक्षा की जाती है कि वे ध्वनि विस्तारक यंत्रों के अनावश्यक उपयोग से बचें और छात्रों को अनुकूल वातावरण प्रदान करने में अपनी भूमिका निभाएं।

यह प्रतिबंध तब तक जारी रहेगा जब तक परीक्षाएं पूरी नहीं हो जातीं और प्रशासन द्वारा नया आदेश जारी नहीं किया जाता। जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि इस आदेश को हल्के में लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।