सड़क सुरक्षा की अनदेखी: सिलियारी में दर्दनाक हादसे से उपजा ग्रामीणों का आक्रोश

सड़क सुरक्षा की अनदेखी: सिलियारी में दर्दनाक हादसे से उपजा ग्रामीणों का आक्रोश

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सिलियारी, मलोद (छत्तीसगढ़): शादी समारोह से लौट रहे एक दंपति की सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मृत्यु हो जाने से पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़कें, यातायात नियमों की अनदेखी और प्रशासन की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है। इस घटना ने न केवल मृतकों के परिवारों को गहरे दुःख में डाल दिया, बल्कि पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।

इस दुर्घटना के बाद ग्रामीणों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क सुधार और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा किया है।

यह हादसा मलोद गांव के पास हुआ, जब दंपति बाइक से अपने घर लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि एक तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद वाहन चालक फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क पर आए दिन हादसे होते रहते हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। यह पहली बार नहीं है जब इस इलाके में किसी निर्दोष की जान गई हो, इससे पहले भी कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बयान

इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा,

“यह घटना बेहद दुखद और हृदयविदारक है। आए दिन सड़क हादसों में निर्दोष लोगों की जान जा रही है, लेकिन राज्य सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। यह सरकार सड़क सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को लेकर पूरी तरह असंवेदनशील है। जब हमारी सरकार थी, तब सड़क सुधार कार्यों को प्राथमिकता दी गई थी, लेकिन अब प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा मिलना चाहिए।”

भूपेश बघेल ने आगे कहा कि यदि राज्य सरकार सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं हुई तो कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर जनता के साथ सड़कों पर उतरेगी।

ग्रामीणों में रोष, प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन

दुर्घटना के बाद ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त किया और सड़क पर जाम लगा दिया। वे प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क की मरम्मत और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ठोस उपाय करने की मांग कर रहे हैं।

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गांव के एक बुजुर्ग निवासी रामनारायण साहू ने कहा,
“हमने कई बार अधिकारियों से सड़क को सुधारने और सुरक्षा उपाय करने की अपील की, लेकिन हमारी कोई सुनवाई नहीं हुई। अब हमने दो और लोगों को खो दिया। यह प्रशासन की घोर लापरवाही है।”

वहीं, एक अन्य ग्रामीण सुरेश वर्मा ने कहा,
“हमारे क्षेत्र में सड़क की हालत बहुत खराब है। गड्ढों से भरी सड़क और बिना किसी ट्रैफिक नियंत्रण के चलते यहां हर हफ्ते कोई न कोई हादसा होता रहता है। हम सरकार से मांग करते हैं कि जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकाला जाए।”

प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया

इस पूरे मामले पर जिला प्रशासन का कहना है कि वे जल्द ही सड़क मरम्मत और यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।

स्थानीय विधायक संजय गुप्ता ने कहा,
“यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। हम पीड़ित परिवार के साथ हैं और प्रशासन से अनुरोध करेंगे कि इस क्षेत्र में सड़क सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। मैं खुद अधिकारियों से मिलकर जल्द समाधान निकालने की कोशिश करूंगा।”

वहीं, क्षेत्रीय सांसद सुनील वर्मा ने कहा,
“सड़क दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, यह बेहद चिंताजनक है। हमारी प्राथमिकता होगी कि इस सड़क को जल्द से जल्द ठीक करवाया जाए और सुरक्षा इंतजाम किए जाएं।”

स्थानीय लोगों की मांगें

ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

1. सड़क की तत्काल मरम्मत: गड्ढों को भरकर सड़क को सुगम बनाया जाए।

2. स्पीड ब्रेकर और संकेतक: दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी संकेतक और ब्रेकर लगाए जाएं।

3. सीसीटीवी कैमरे: हादसों पर नजर रखने के लिए मुख्य चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी लगाए जाएं।

4. यातायात पुलिस की तैनाती: ट्रैफिक नियमों के पालन के लिए पुलिस की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।

5. मृतक परिवार को मुआवजा: मृतक दंपति के परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए।

सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर होना होगा प्रशासन को

इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर दिया है। जब तक सड़कों की मरम्मत और यातायात नियमों को कड़ाई से लागू नहीं किया जाएगा, तब तक ऐसी दुर्घटनाएं होती रहेंगी।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान के बाद इस मुद्दे ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। अब यह देखना होगा कि राज्य सरकार और प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करते हैं।

सिलियारी की इस दुखद घटना से सीख लेते हुए सरकार और प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके और निर्दोष लोगों की जान बचाई जा सके।