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हरियाणा में भाजपा का काउंटडाउन शुरू: कर्ज़, बेरोजगारी और किसान आक्रोश से घिरी सरकार!

हरियाणा में भाजपा सरकार के खिलाफ बढ़ता असंतोष: कांग्रेस ने कर्ज़ और विफलताओं पर बोला हमला

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चंडीगढ़: हरियाणा में भाजपा सरकार के खिलाफ जनता और विपक्ष के आक्रोश की लहर तेज़ हो रही है। कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद हरियाणा कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष उदयभान ने राज्य की भाजपा सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा, “हरियाणा के मौजूदा हालात यह साफ दर्शाते हैं कि भाजपा सरकार के खिलाफ जनता में भारी विरोध है। सरकार की आर्थिक नीतियां पूरी तरह विफल हो गई हैं, और उसने राज्य को कर्ज़ के दलदल में धकेल दिया है।”

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार का कुप्रबंधन, बढ़ती बेरोजगारी, किसानों की बदहाली, औद्योगिक संकट और भ्रष्टाचार ने प्रदेश की हालत दयनीय बना दी है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इसी तरह विफल नीतियों पर चलती रही, तो आगामी विधानसभा चुनावों में जनता उसे करारा जवाब देगी।

हरियाणा पर बढ़ता कर्ज़: क्या सरकार ने प्रदेश की आर्थिक नींव हिला दी?

हरियाणा कांग्रेस के मुताबिक, भाजपा सरकार ने पिछले एक दशक में राज्य को बेहिसाब कर्ज़ में डुबो दिया है, जिससे प्रदेश की वित्तीय स्थिति चरमरा गई है।

कर्ज़ के आंकड़े:

2014 में जब भाजपा सत्ता में आई थी, तब हरियाणा पर लगभग 70,000 करोड़ रुपये का कर्ज़ था।

2024 तक यह कर्ज़ बढ़कर 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

हरियाणा सरकार अब तक कर्ज़ चुकाने के लिए नए कर्ज़ ले रही है, जिससे वित्तीय संकट और गहरा गया है।

कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि “सरकार बताए कि इतने बड़े कर्ज़ के बावजूद प्रदेश में आखिर कौन-सा विकास हुआ? अस्पतालों, स्कूलों, सड़कों और उद्योगों की हालत तो और खराब हो गई है!”

बेरोजगारी बनी बड़ा मुद्दा, युवा परेशान

हरियाणा में बेरोजगारी दर देश में सबसे अधिक बनी हुई है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) की रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा की बेरोजगारी दर 30% से अधिक पहुंच चुकी है, जो पूरे देश में सबसे ज्यादा है।

युवाओं की नाराजगी:

सरकारी नौकरियों की भर्तियों में देरी और अनियमितताएं बढ़ रही हैं।

भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के मामलों से युवाओं में भारी आक्रोश है।

निजी क्षेत्र में नौकरियों के अवसर लगातार घटते जा रहे हैं, जिससे पढ़े-लिखे युवा पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं।

कांग्रेस ने सरकार से पूछा कि “युवाओं को रोजगार देने के नाम पर सिर्फ घोषणाएं ही क्यों की जा रही हैं? क्या सरकार बेरोजगारी का ठोस समाधान निकालने में पूरी तरह असफल नहीं हुई?”

किसानों के लिए मुश्किलें: न एमएसपी की गारंटी, न राहत

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हरियाणा के किसान पिछले कई वर्षों से सरकार की नीतियों से नाखुश हैं। किसान संगठनों ने सरकार से कई बार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

किसानों की मुख्य समस्याएं:

एमएसपी की कानूनी गारंटी न मिलना।

फसल बीमा योजना में घोटाले और किसानों को मुआवजा न मिलना।

महंगे डीजल और खाद के कारण खेती का खर्च बढ़ना।

लचर सरकारी नीतियों के कारण फसलों का सही मूल्य न मिलना।

कांग्रेस का आरोप है कि “किसान आंदोलन के दौरान भाजपा सरकार ने जिस तरह किसानों को दबाने का प्रयास किया, उसने यह साबित कर दिया कि सरकार को किसान हितों की कोई चिंता नहीं।”

भ्रष्टाचार और घोटाले: भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप

हरियाणा सरकार पर कई घोटालों के आरोप लगे हैं, जिससे जनता का भरोसा टूटता जा रहा है।

बड़े घोटाले:

भर्ती घोटाला: सरकारी नौकरियों में भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के मामले।

शराब घोटाला: अवैध शराब कारोबार से जुड़े बड़े नेताओं की संलिप्तता।

भूमि घोटाला: सरकारी ज़मीनों को गलत तरीके से बेचना और बिल्डरों को फायदा पहुंचाना।

कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि “सरकार को इन घोटालों की निष्पक्ष जांच करवानी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए, वरना जनता चुनाव में अपना फैसला सुना देगी।”

हरियाणा कांग्रेस की रणनीति: भाजपा के खिलाफ अभियान तेज

हरियाणा कांग्रेस अब भाजपा सरकार को हराने के लिए पूरी तरह तैयार हो रही है। उदयभान ने कहा कि पार्टी जनता के मुद्दों को लेकर बड़े स्तर पर आंदोलन करेगी और हरियाणा को भ्रष्टाचार मुक्त, कर्ज़ मुक्त और रोजगार युक्त बनाने के लिए जनता के साथ खड़ी रहेगी।

कांग्रेस की मुख्य रणनीति:

किसान, युवा और व्यापारियों से संवाद स्थापित करना।

बेरोजगारी, कर्ज़, भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दे उठाना।

भाजपा सरकार की विफलताओं को जनता के सामने लाना।

चुनावी भविष्य: क्या भाजपा की विदाई तय?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर कांग्रेस जनता के असंतोष को संगठित करने में सफल रही, तो भाजपा सरकार की सत्ता में वापसी मुश्किल हो सकती है।

हरियाणा में 2024 के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं।

भाजपा को एंटी-इनकंबेंसी का सामना करना पड़ रहा है।

कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP) और इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) भाजपा को चुनौती देने के लिए तैयार हैं।

जनता के बीच बड़ा सवाल:

क्या भाजपा सरकार अगले चुनावों तक जनता का विश्वास वापस जीत पाएगी, या फिर कांग्रेस और विपक्षी दल इस असंतोष को अपने पक्ष में मोड़ने में सफल होंगे?

आगामी चुनावों में हरियाणा की जनता ही इसका जवाब देगी!

Ashish Sinha

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