Advertisement

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांचने तकनीकी अधिकारियों को दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांचने तकनीकी अधिकारियों को दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण

रायपुर, 18 मार्च 2025 – राज्य सरकार द्वारा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तकनीकी अधिकारियों के लिए तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में गैर-विनाशकारी परीक्षण (NDT) तकनीकों और अत्याधुनिक जांच उपकरणों का उपयोग कर निर्माण सामग्री की मजबूती और विश्वसनीयता की जांच करने की प्रक्रिया सिखाई जा रही है। यह प्रशिक्षण 17 मार्च से नवा रायपुर स्थित इंद्रावती भवन के प्रथम तल पर तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) कार्यालय में शुरू हुआ है और 19 मार्च तक चलेगा।

NDT तकनीक – गुणवत्ता जांच का आधुनिक समाधान

नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्टिंग (NDT) ऐसी तकनीक है, जो बिना किसी संरचनात्मक नुकसान के निर्माण सामग्री की मजबूती, गुणवत्ता और स्थायित्व की जांच करने में सहायक होती है। इस तकनीक का उपयोग विशेष रूप से सड़कों, पुलों, भवनों और अन्य संरचनाओं की जांच में किया जाता है। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सहित विभिन्न सरकारी संगठनों के अधिकारी इस प्रशिक्षण में भाग ले रहे हैं।

प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु और उपयोगी तकनीकें

इस प्रशिक्षण में कई प्रमुख NDT उपकरणों और उनकी उपयोगिता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इनमें शामिल हैं:

अल्ट्रासोनिक पल्स वेलोसिटी (UPV) टेस्ट – इस तकनीक से कंक्रीट संरचनाओं की मजबूती और आंतरिक दोषों की पहचान की जाती है।

ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (GPR) – यह उपकरण निर्माण सामग्री के अंदरूनी हिस्सों की स्कैनिंग कर संभावित कमजोरियों की पहचान करता है।

डिजिटल रीबाउंड हैमर टेस्ट – कंक्रीट की सतही कठोरता और संपीड़न क्षमता की जांच के लिए उपयोग किया जाता है।

प्रोफोमीटर टेस्ट – कंक्रीट में मौजूद स्टील रीबार्स की स्थिति और जंग की स्थिति का विश्लेषण करता है।

टोमोग्राफी तकनीक – संरचनाओं के अंदरूनी दोषों और नमी के स्तर की विस्तृत जानकारी प्रदान करती है।

Gemini_Generated_Image_fohysbfohysbfohy
WhatsApp-Image-2026-03-12-at-6.48.17-PM-1-298x300 (1)
sjjj

तकनीकी परीक्षक कार्यालय की भूमिका और प्रशिक्षण की महत्ता

तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) कार्यालय का मुख्य कार्य लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग और अन्य सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और भौतिक प्रगति की निगरानी करना है। इस प्रशिक्षण से अधिकारियों को अत्याधुनिक जांच तकनीकों की समझ विकसित होगी, जिससे वे भविष्य में अधिक कुशलता से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का निरीक्षण कर सकेंगे।

प्रशिक्षण से जुड़े विशेषज्ञों की राय

प्रशिक्षण में शामिल विशेषज्ञों का कहना है कि NDT तकनीकों का सही उपयोग करने से निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित होगी। यह तकनीक न केवल निर्माण सामग्रियों की मजबूती की जांच में सहायक होगी, बल्कि इससे सरकारी परियोजनाओं में संभावित भ्रष्टाचार और लापरवाही को भी रोका जा सकेगा।

अधिकारियों और इंजीनियरों के लिए दीर्घकालिक लाभ

इस प्रशिक्षण के बाद:

तकनीकी अधिकारियों को NDT तकनीकों की विस्तृत जानकारी प्राप्त होगी।

निरीक्षण प्रक्रिया तेज, सटीक और विश्वसनीय बनेगी।

भविष्य में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में सुधार होगा।

परियोजनाओं के दौरान आने वाली तकनीकी चुनौतियों का समाधान अधिक कुशलता से किया जा सकेगा।

भविष्य में प्रशिक्षण कार्यक्रमों की योजना

सरकार और तकनीकी परीक्षक कार्यालय आने वाले वर्षों में इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को नियमित करने की योजना बना रहे हैं। विभिन्न विभागों के अधिकारियों को उन्नत तकनीकों की जानकारी देने के लिए भविष्य में ऑनलाइन प्रशिक्षण और कार्यशालाओं का भी आयोजन किया जाएगा।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में सुधार होगा। इससे न केवल निर्माण की दीर्घकालिक मजबूती सुनिश्चित होगी, बल्कि इससे भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा। इस प्रशिक्षण से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि NDT तकनीकों का सही और प्रभावी उपयोग करके राज्य में बुनियादी ढांचे के निर्माण को और अधिक पारदर्शी एवं टिकाऊ बनाया जा सकता है।

file_0000000093d882119d122d54d9d757b5
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.38
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40 (1)
WhatsApp-Image-2026-08-15-at-00.21.47