छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के फैसले के बाद भर्ती नियमों में संशोधन, अब पूरे राज्य के निवासी कर सकेंगे आवेदन

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के फैसले के बाद भर्ती नियमों में संशोधन, अब पूरे राज्य के निवासी कर सकेंगे आवेदन

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अंबिकापुर,20 मार्च 2025 – छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के एक महत्वपूर्ण निर्णय के बाद राज्य सरकार ने भर्ती नियमों में संशोधन किया है। अब छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत विभिन्न संविदा पदों पर आवेदन करने के लिए केवल सरगुजा जिले का निवासी होना अनिवार्य नहीं रहेगा, बल्कि पूरे राज्य के मूल निवासी आवेदन कर सकेंगे।

राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में संशोधित निर्देश जारी किए हैं, जिससे सरगुजा जिले में निकाली गई भर्तियों में अब पूरे छत्तीसगढ़ के उम्मीदवारों को आवेदन करने का अवसर मिलेगा। यह संशोधन 29 सितंबर 2022 को जारी विज्ञापन के नियमों में किया गया है और इसका उद्देश्य योग्य उम्मीदवारों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करना है।

नए संशोधन के तहत कौन-कौन से पद होंगे शामिल
संशोधित नियमों के तहत निम्नलिखित पदों के लिए अब पूरे राज्य के निवासी आवेदन कर सकते हैं:

विकासखंड परियोजना प्रबंधक
क्षेत्रीय समन्वयक
लेखा सह एमआईएस सहायक
पहले इन पदों के लिए केवल सरगुजा जिले के मूल निवासियों को ही आवेदन करने की अनुमति थी, लेकिन अब पूरे छत्तीसगढ़ के उम्मीदवारों को अवसर मिलेगा।

फैसले के पीछे की पृष्ठभूमि
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 29 सितंबर 2022 को सरगुजा जिले में इन पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था, जिसमें केवल सरगुजा जिले के उम्मीदवारों को आवेदन की अनुमति थी। इसके खिलाफ राज्य के अन्य जिलों के युवाओं ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर भर्ती प्रक्रिया को चुनौती दी।

याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि केवल एक जिले तक आवेदन को सीमित रखना संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 16 (सरकारी नौकरियों में अवसर की समानता) का उल्लंघन है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए भर्ती नियमों को संशोधित करने का निर्देश दिया, जिसके बाद सरकार ने नए निर्देश जारी किए।

युवाओं को मिलेगा लाभ
इस निर्णय से छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों के युवाओं को भी इन पदों के लिए आवेदन करने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल उन्हें रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे, बल्कि राज्य में प्रशासनिक पदों पर अधिक योग्य और प्रतिस्पर्धी उम्मीदवारों की नियुक्ति भी सुनिश्चित होगी।

छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के साधनों को बढ़ावा देना है। यह मिशन महिलाओं के स्वयं सहायता समूह (SHG) को मजबूत करने, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और ग्रामीण समुदायों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए कार्य करता है। इन पदों पर नियुक्ति से मिशन की प्रभावशीलता भी बढ़ेगी।

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छत्तीसगढ़ में भर्ती प्रक्रिया और अन्य भर्तियों पर असर
इस फैसले के बाद राज्य सरकार की अन्य भर्ती प्रक्रियाओं पर भी असर पड़ सकता है। कई अन्य सरकारी भर्तियों में अब तक जिलों के मूल निवासियों को प्राथमिकता दी जाती थी। लेकिन हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद संभावना है कि अन्य विभागों में भी भर्ती नियमों की समीक्षा की जाएगी और अन्य जिलों के उम्मीदवारों को भी आवेदन का मौका मिलेगा।

विशेषज्ञों की राय
श्रम एवं रोजगार विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय युवाओं के लिए एक सकारात्मक बदलाव है।
रायपुर स्थित श्रम मामलों के विशेषज्ञ विकास तिवारी का कहना है, “यह संशोधन सरकारी भर्तियों में समानता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे योग्य उम्मीदवारों को समान अवसर मिलेगा और प्रशासन में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिससे सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।”

वहीं, सरगुजा विश्वविद्यालय में समाजशास्त्र के प्रोफेसर अजय वर्मा का कहना है, “यह फैसला सिर्फ रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ में सामाजिक और आर्थिक विकास की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। अब राज्य के विभिन्न हिस्सों से आने वाले युवा भी अपने कौशल का उपयोग सरकारी योजनाओं में कर सकेंगे।”

आवेदकों की प्रतिक्रिया
इस संशोधन से युवाओं में खुशी की लहर है। दुर्ग जिले के एक उम्मीदवार रोहित शर्मा ने कहा, “पहले हमें सरगुजा जिले की भर्ती में शामिल होने का मौका नहीं मिलता था, लेकिन अब हम भी आवेदन कर सकते हैं। यह हमारे लिए बड़ा अवसर है।”

वहीं, सरगुजा जिले की एक स्थानीय अभ्यर्थी साक्षी गुप्ता का कहना है, “यह फैसला बाहर के उम्मीदवारों के लिए अच्छा है, लेकिन स्थानीय युवाओं को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।”

भर्ती प्रक्रिया और आगे की राह
राज्य सरकार जल्द ही इस संशोधन के अनुरूप भर्ती प्रक्रिया को फिर से शुरू करने की योजना बना रही है। संशोधित भर्ती नियमों के तहत नए दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे और आवेदन की अंतिम तिथि घोषित की जाएगी।

संभावित भर्ती प्रक्रिया इस प्रकार होगी:

नए संशोधित नियमों के तहत आवेदन की तिथि घोषित होगी।
योग्य उम्मीदवार ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर सकेंगे।
दस्तावेज़ सत्यापन और परीक्षा प्रक्रिया होगी।
चयनित उम्मीदवारों को संविदा आधार पर नियुक्ति दी जाएगी।

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के इस फैसले से राज्य में भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यापक हो गई है। अब पूरे राज्य के युवाओं को सरकारी योजनाओं से जुड़ने और प्रशासनिक पदों पर अपनी भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। यह संशोधन राज्य में रोजगार की समानता को बढ़ावा देने के साथ-साथ सरकार की नीतियों को भी अधिक प्रभावी बनाएगा।

सरगुजा जिले की यह भर्ती प्रक्रिया अन्य जिलों के लिए भी एक नजीर बन सकती है और भविष्य में सरकारी भर्तियों में जिलों की बाध्यता को समाप्त करने की दिशा में अन्य सुधार भी हो सकते हैं।