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खेलों में छत्तीसगढ़ की नई उड़ान, राष्ट्रीय पदक विजेताओं को 1.95 करोड़ की सम्मान राशि

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया खिलाड़ियों का सम्मान, कहा – “आपने छत्तीसगढ़ का सिर गर्व से ऊंचा किया

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रायपुर, 21 मार्च 2025 – छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय खेलों में पदक विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए कहा कि इन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने प्रदेश का मान बढ़ाया है। गोवा और उत्तराखंड में हुए नेशनल गेम्स में पदक जीतने वाले 130 खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “आप प्रदेश के खेल जगत के हीरे हैं। सरकार आपको तराशेगी, निखारेगी और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाएगी।”

मुख्यमंत्री निवास में आयोजित इस सम्मान समारोह में गोवा में 2023 में संपन्न 37वें नेशनल गेम्स के 72 और 2025 में उत्तराखंड में संपन्न 38वें नेशनल गेम्स के 58 पदक विजेताओं को सम्मानित किया गया। इस दौरान राज्य सरकार ने खिलाड़ियों के बैंक खातों में कुल 1 करोड़ 95 लाख 20 हजार रुपये की सम्मान राशि अंतरित की।

छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को मिलेगा हर संभव समर्थन
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी न केवल राज्य बल्कि देश का नाम भी रोशन कर सकते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे एशियाड, कॉमनवेल्थ और ओलंपिक जैसे वैश्विक मंचों पर सफलता हासिल करें। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार खिलाड़ियों के लिए हर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएगी और उनके करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।

“यह सिर्फ खिलाड़ियों की नहीं, पूरे प्रदेश की जीत है। हम आपके विकास में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। आपके सपनों को साकार करने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।”

पदक विजेताओं को मिली सम्मान राशि
सरकार ने गोवा नेशनल गेम्स में पदक जीतने वाले 72 खिलाड़ियों को 1 करोड़ 7 लाख 60 हजार रुपये और उत्तराखंड नेशनल गेम्स के 58 खिलाड़ियों को 87 लाख 60 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की। कुल 130 खिलाड़ियों को 1.95 करोड़ रुपये की सम्मान राशि उनके खातों में ट्रांसफर की गई।

ओलंपिक विजेताओं के लिए विशेष पुरस्कार की घोषणा
खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने ओलंपिक पदक विजेताओं को बड़े पुरस्कार देने की घोषणा की है।

स्वर्ण पदक विजेता को 3 करोड़ रुपये
रजत पदक विजेता को 2 करोड़ रुपये
कांस्य पदक विजेता को 1 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रोत्साहन राज्य के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर लंबे समय तक नक्सली आतंक से प्रभावित रहा, लेकिन अब वहां अमन लौट आया है और उसके साथ ही खेलों की रौनक भी वापस आई है। उन्होंने कहा, “जहां कभी पांव रखने से लोग डरते थे, आज वहीं हजारों खिलाड़ी खेल रहे हैं। बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हजार प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, यह पूरे देश में एक अनूठी घटना है।”

बस्तर ओलंपिक ने न केवल वहां के लोगों को खेलों के प्रति जागरूक किया, बल्कि आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सली हिंसा से प्रभावित परिवारों को भी खेलों से जोड़ा। कई दिव्यांग खिलाड़ियों ने भी इसमें भाग लिया, जिससे यह आयोजन और भी प्रेरणादायक बन गया।

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प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार विभिन्न योजनाओं पर कार्य कर रही है। खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए खेलो इंडिया के 7 नए सेंटर स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, तीन नई अकादमियां शुरू की गई हैं:

रायपुर में टेनिस अकादमी
राजनांदगांव में हॉकी अकादमी
नारायणपुर में मल्लखंभ अकादमी
राज्य सरकार ने इन अकादमियों में बेहतरीन प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है, जिससे प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।

छत्तीसगढ़ अपने पारंपरिक खेलों के लिए भी जाना जाता है। सरकार ने छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के तहत 20 करोड़ रुपये के प्रावधान की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि परंपरागत खेलों का संरक्षण और संवर्धन जरूरी है ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इनसे जुड़ सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों में सफलता पाने के लिए कुशल रणनीति, तकनीकी दक्षता और बेहतरीन फिटनेस का होना बेहद जरूरी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए फिट इंडिया मूवमेंट की तारीफ करते हुए कहा कि फिटनेस से न केवल खेलों में सफलता मिलती है बल्कि एक स्वस्थ जीवनशैली भी मिलती है।

उन्होंने मल्लखंभ खिलाड़ियों के ढोलकल पहाड़ियों पर किए गए अद्भुत करतब का जिक्र करते हुए कहा कि यह साबित करता है कि मेहनत, समर्पण और फिटनेस से असंभव भी संभव किया जा सकता है।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा ने भी इस अवसर पर खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार खेलों के विकास के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा, “हमारे प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। हमारा कर्तव्य है कि हम इन प्रतिभाओं को सही मार्गदर्शन और संसाधन प्रदान करें ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहरा सकें।”

इस भव्य समारोह में खेल विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, संचालक तनुजा सलाम और छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ में खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की यह पहल खिलाड़ियों को नई ऊर्जा और प्रेरणा देने का काम करेगी। ओलंपिक विजेताओं के लिए घोषित बड़े पुरस्कार, खेल अधोसंरचना का विकास और परंपरागत खेलों को संजीवनी देने की योजनाएं प्रदेश को खेलों के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने में मदद करेंगी।

इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि सरकार खेलों को लेकर गंभीर है और प्रदेश के खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कितनी बड़ी उपलब्धियां हासिल करते हैं।

Ashish Sinha

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