Satara Suicide Case: रेप आरोपी PSI गोपाल बादाने गिरफ्तार, डॉक्टर के सुसाइड नोट में सांसद का नाम

सतारा डॉक्टर सुसाइड केस: रेप और मानसिक उत्पीड़न के आरोपी PSI गोपाल बादाने गिरफ्तार, दूसरे आरोपी प्रशांत बंकर पर भी कार्रवाई

सतारा, महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के सतारा जिले के फलटण स्थित उपजिला अस्पताल में कार्यरत महिला डॉक्टर के सुसाइड मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। महिला डॉक्टर संपदा मुंडे को आत्महत्या के लिए उकसाने, मानसिक उत्पीड़न और बलात्कार के आरोपों से घिरे दोनों आरोपियों—पुलिस सब-इंस्पेक्टर (PSI) गोपाल बादाने और सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रशांत बंकर—को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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गिरफ्तारी और आरोप

  • गोपाल बादाने गिरफ्तार: पीएसआई गोपाल बादाने (Gopal Badane) ने शनिवार शाम को फालतन ग्रामीण थाने में जाकर सरेंडर कर दिया। डॉक्टर ने सुसाइड नोट में आरोप लगाया था कि बादाने ने पिछले 5 महीने में 4 बार उनका रेप किया और फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट बनाने का दबाव भी बनाया। बादाने को पहले ही जांच में नाम सामने आने के बाद सस्पेंड कर दिया गया था।
  • प्रशांत बंकर गिरफ्तार: दूसरा आरोपी, सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रशांत बंकर, जो डॉक्टर के घर के मकान मालिक का पुत्र है, को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। डॉक्टर ने आत्महत्या से पहले उससे फोन पर बातचीत भी की थी। बंकर पर मानसिक उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है। उसे अदालत में पेश किया गया और चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
  • धाराएं: फलटण सिटी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 64 (2) (N) (बलात्कार), 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज किया है।

सुसाइड नोट में सांसद और PA का नाम

डॉक्टर के 4 पेज के सुसाइड नोट में एक सांसद और उनके दो पर्सनल असिस्टेंट (PA) के भी नाम अंकित हैं।

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  • डॉक्टर ने सुसाइड नोट में लिखा है कि सांसद के दो PA अस्पताल आए थे और उन्होंने उन पर अन्य केस से जुड़े आरोपियों के फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने का दबाव बनाया।
  • मना करने पर उनकी बात सांसद से फोन पर कराई गई थी।

मामले का संज्ञान और परिवार का आरोप

  • महिला आयोग का संज्ञान: महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग ने इस मामले का संज्ञान लिया है और सतारा पुलिस को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
  • उत्पीड़न का आरोप: डॉक्टर के दो चचेरे भाई, जो स्वयं भी डॉक्टर हैं, ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन ने जानबूझकर उन्हें पोस्टमॉर्टम की ड्यूटी दी, जिससे उनका उत्पीड़न हो। डॉक्टर को पहले भी पुलिस अधिकारियों से धमकियां मिल रही थीं और उनके पैतृक जिले बीड़ में हुए अपराधों को लेकर उनका मजाक उड़ाया जा रहा था।
  • अंतिम संस्कार: डॉक्टर का अंतिम संस्कार शुक्रवार रात उनके पैतृक गांव बीड़ के वड़वानी तहसील में किया गया।