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अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे पर सियासत गरम: स्वागत के साथ कांग्रेस ने पूछे 8 तीखे सवाल

छत्तीसगढ़ दौरे पर पहुंचे अमित शाह, सीएम विष्णुदेव साय ने किया स्वागत; कांग्रेस ने खनिज, आरक्षण और उद्योगपतियों को लेकर पूछे 8 सवाल

रायपुर, 5 अप्रैल 2025 – केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शुक्रवार को अपने छत्तीसगढ़ दौरे पर रायपुर पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उनका स्वामी विवेकानंद विमानतल पर आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

गृह मंत्री  शाह का स्वागत उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा और अनुज शर्मा ने पुष्पगुच्छ भेंटकर किया।

यह दौरा राज्य में आगामी राजनीतिक और प्रशासनिक रणनीतियों के दृष्टिकोण से अहम माना जा रहा है, विशेषकर नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में सरकार की योजनाओं और निवेश को लेकर।


🔴 कांग्रेस का हमला: बस्तर की जनता की ओर से शाह से पूछे 8 सवाल

श्री शाह के दौरे से पहले छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रेस वार्ता कर केंद्र सरकार और अमित शाह पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि अमित शाह बार-बार बस्तर आकर राजनीतिक स्टंट कर रहे हैं, और नक्सलवाद के नाम पर खनिज संपदा उद्योगपतियों को सौंपने की योजना पर काम कर रहे हैं।

कांग्रेस ने केंद्रीय गृहमंत्री से पूछे 8 सवाल:

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  1. क्या अमित शाह गारंटी देंगे कि बस्तर में अडानी या अन्य उद्योगपतियों की एंट्री नहीं होगी?

  2. एनएमडीसी का मुख्यालय बस्तर में क्यों नहीं लाया जा रहा, जबकि खनिज बस्तर से निकाले जाते हैं?

  3. नंदराज पहाड़, जिसे स्थानीय लोग पूजते हैं, की लीज अडानी से अब तक केंद्र ने रद्द क्यों नहीं की?

  4. नगरनार स्टील प्लांट का विनिवेश बंद होगा या नहीं? क्या शाह इसकी गारंटी देंगे?

  5. 32% आदिवासी आरक्षण वाला विधेयक कब तक राजभवन में लंबित रहेगा?

  6. दल्लीराजहरा-जगदलपुर रेल परियोजना अब तक अधूरी क्यों है?

  7. भारत माला परियोजना को जगदलपुर से जोड़ने की पहल क्यों नहीं हो रही?

  8. वन अधिकार अधिनियम 2006 में संशोधन कर आदिवासियों के अधिकार कमजोर क्यों किए गए?

कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने भी केंद्र सरकार पर आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों को नजरअंदाज कर पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया।


 राजनीतिक हलचल तेज

अमित शाह के इस दौरे के बहाने छत्तीसगढ़ की राजनीति एक बार फिर केंद्र बन गई है। जहां एक ओर भाजपा इसे सुशासन और सुरक्षा नीति से जोड़कर देख रही है, वहीं कांग्रेस इसे संपदा सौंपने की कवायद बता रही है।

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