
सुशासन तिहार 2025 : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पहुंचे दंतेवाड़ा के सुदूरवर्ती मुलेर गांव, की कई घोषणाएं |
CM विष्णुदेव साय ने दंतेवाड़ा जिले के अंतिम गांव मुलेर में चौपाल लगाई, घोषणाएं कीं और योजनाओं की जमीनी समीक्षा की। जानिए क्या खास रहा इस ऐतिहासिक दौरे में।
छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर तक पहुंचा सुशासन तिहार: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया दंतेवाड़ा के मुलेर गांव का दौरा

रायपुर, 15 मई 2025: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर संभाग के अतिदूरस्थ और आदिवासी बहुल ग्राम मुलेर का दौरा कर छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर तक सुशासन तिहार की पहुँच सुनिश्चित की। ग्रामवासियों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों से मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर नियद नेल्लानार योजना के तहत चल रहे समावेशी विकास कार्यों का अवलोकन भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने इमली के पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया, राशन दुकान और आंगनबाड़ी का निरीक्षण किया तथा बच्चों से बातचीत कर चॉकलेट वितरित की। उन्होंने मौके पर कई घोषणाएँ भी कीं, जिनमें:
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अंदल कोसम माता मंदिर निर्माण हेतु ₹4 लाख की स्वीकृति
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ग्राम में उप-स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना
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नाहाड़ी तक संपर्क सड़क का निर्माण
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सीसी सड़क और पुलिया निर्माण के लिए ₹5 लाख की स्वीकृति
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वनाधिकार, आधार और आयुष्मान कार्ड के लिए विशेष शिविर की घोषणा
इस दौरान मुख्यमंत्री ने दंतेवाड़ा की होनहार छात्रा रमशिला नाग को सम्मानित कर उसका हौसला बढ़ाया।
🌿 ग्राम मुलेर: सरकारी योजनाओं से बदलती तस्वीर
दंतेवाड़ा जिले की सीमा पर स्थित ग्राम पंचायत मुलेर अब विकास की नई कहानी लिख रही है। गांव में चल रहे 6 महिला स्व-सहायता समूहों, दो आंगनबाड़ी केंद्रों, सौर ऊर्जा होम लाइटिंग और राशन आपूर्ति जैसे कार्यों से ग्रामीण जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव आया है।
100% माड़िया जनजाति निवास वाले इस गांव में अब महतारी वंदन योजना जैसी योजनाओं से महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता और सम्मान मिला है। यह गाँव जनभागीदारी और प्रशासनिक तत्परता का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है।












