पीएम आवास के निर्माण में लापरवाही, 3 पंचायत सचिव निलंबित, 2 के वेतन रोके और 6 को नोटिस

कांकेर। प्रधानमंत्री आवास के निर्माण में लापरवाही बरतने वाले तीन पंचायत सचिव पर निलंबन की कार्रवाई की गई है, वहीं दो सचिवों के वेतन रोकने व 6 सचिवों को नोटिस जारी किया गया है।प्रधानमंत्री आवास योजना, ग्रामीण के तहत जिला पंचायत कांकेर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मंडावी ने निर्माणाधीन आवासों को समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने जनपद पंचायत सीईओ, विकासखण्ड समन्वयक, सरपंच एवं सचिवों की पंचायतवार योजना के प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच, सचिव एवं जनप्रतिनिधियों को सहभागिता निभाते हुए हितग्राहियों को क्लस्टर आधार पर निर्माण सामग्री उपलब्ध करवाएं। साथ ही राजमिस्त्री की उपलब्धता सुनिश्चित कर हितग्राहियों को प्रोत्साहित करते हुए समय-सीमा में आवास निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा आरसेटी के माध्यम से दिए जा रहे राजमिस्त्री प्रशिक्षण में ग्राम पंचायत के अधिक से अधिक युवाओं की प्रोत्साहित करते हुए प्रशिक्षण में शामिल करने के निर्देश सरपंचों को दिए गए।

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उन्होंने समीक्षा के दौरान पंचायत में अपेक्षाकृत प्रगति नहीं होने पर विकासखंड भानुप्रतापपुर के ग्राम पंचायत कुल्हाड़कट्टा, विकासखंड अंतागढ़ के ग्राम पंचायत मुल्ले एवं विकासखंड नरहरपुर के ग्राम पंचायत देवगांव के पंचायत सचिव के विरूद्ध निलंबन की कार्यवाही हेतु निर्देशित किया। इसी प्रकार विकासखण्ड कोयलीबेड़ा के ग्राम पंचायत बेलगाल एवं लक्ष्मीपुर के पंचायत सचिव का वेतन रोकने तथा विकासखण्ड भानुप्रतापपुर के ग्राम पंचायत घोठा एवं चवेला, विकासखण्ड कांकेर के ग्राम पंचायत डुमाली एवं सरंगपाल, विकासखंड कोयलीबेड़ा के ग्राम पंचायत बांदे एवं विकासखण्ड दुर्गूकोंदल के ग्राम पंचायत दमकसा के पंचायत सचिव को नोटिस जारी करने के निर्देश उप संचालक पंचायत को दिए।समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत जिले में वर्ष 2016-24 तक कुल 29207 आवासों की स्वीकृति की गई है, जिनमें से 26 हजार 643 आवासों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। वर्ष-2024-25 में जिले को 37 हजार 932 आवासों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है।

प्राप्त लक्ष्य के विरूद्ध 30 हजार 103 आवासों को स्वीकृत करते हुए निर्माण कार्य प्रारंभ कराया गया है। स्वीकृत आवासों में जिले में कुल 05 हजार 262 आवासों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा 24 हजार 841 आवास निर्माणाधीन हैं।

योजनांतर्गत आवास निर्माण हेतु हितग्राहियों को तीन किश्तों में कुल 1.20 लाख की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे हितग्राहियों के खाते में जारी की जा रही है। स्वीकृति पश्चात प्रथम किश्त की राशि 40 हजार रूपए प्लिंथ स्तर तक आवास निर्माण के पश्चात 55 हजार रूपए एवं आवास पूर्ण होने के पश्चात 25 हजार रूपए की राशि जारी की जा रही है, जिससे हितग्राहियों को 25 वर्ग मीटर में पक्की छत एवं रसोई घर में गैस चूल्हे हेतु प्लेटफ़ॉर्म सहित आवास का निर्माण कराना है। साथ ही मनरेगा से अभिसरण के तहत 90 दिनों का मजदूरी भुगतान की राशि प्रचलित दर पर प्रदान की जा रही है।