Advertisement

छत्तीसगढ़: मंत्री कश्यप पर मारपीट के आरोप, कांग्रेस बोली – गरीब कर्मचारी को बचाने के बजाय भाजपा मंत्री को बचा रही

भाजपा मंत्री पर मारपीट के आरोपों को लेकर कांग्रेस का हमला तेज, दीपक बैज बोले – “क्या हमने कहा था गरीब कर्मचारी को मारो?”

रायपुर, 08 सितंबर 2025। छत्तीसगढ़ की राजनीति इन दिनों मंत्री केदार कश्यप पर लगे मारपीट और अभद्र भाषा के आरोपों को लेकर गरमाई हुई है। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने भाजपा पर सीधा हमला बोलते हुए कहा है कि सत्तारूढ़ दल गरीब कर्मचारी को न्याय दिलाने के बजाय अपने “गालीबाज मंत्री” को बचाने में जुटा है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बयान जारी कर कहा—
“भाजपा का यह कहना हास्यास्पद है कि कांग्रेस ने षड्यंत्र रचा। क्या कांग्रेस ने मंत्री कश्यप से कहा था कि गरीब कर्मचारी से मारपीट करो और उसे मां की गालियां दो? सच्चाई यह है कि जगदलपुर रेस्ट हाउस में वहां के रसोइये ने खुद सोशल मीडिया और मीडिया के सामने आकर बताया कि मंत्री ने उसके साथ मारपीट की और गाली दी।”

मुख्यमंत्री के बयान पर सवाल

दीपक बैज ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के उस बयान को भी आड़े हाथों लिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि मंत्री से बात करने पर वे निर्दोष पाए गए। बैज ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पीड़ित से बात किए बिना ही एकतरफा फैसला सुना दिया।

“बेहद चिंता और शर्म की बात है कि भाजपा गरीब आदमी को न्याय देने के बजाय मंत्री को बचाने में लगी है। यदि यह रवैया जारी रहा तो प्रदेश में अराजकता फैलना तय है।” – दीपक बैज

मंत्री को हटाने की मांग

कांग्रेस ने मांग की है कि मुख्यमंत्री तुरंत मंत्री केदार कश्यप से इस्तीफा लें, और यदि वे इस्तीफा नहीं देते तो उन्हें बर्खास्त किया जाए। साथ ही कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित कर्मचारी पर दबाव डालकर बयान बदलवाने या नौकरी से निकालने की कोशिश हुई तो पार्टी सड़कों पर उतरकर विरोध करेगी।

Gemini_Generated_Image_fohysbfohysbfohy
WhatsApp-Image-2026-03-12-at-6.48.17-PM-1-298x300 (1)
sjjj

दीपक बैज ने कहा—
“मंत्री को आचरण सुधारने की नसीहत देने के बजाय पदमुक्त किया जाना चाहिए। गरीब कर्मचारी से मारपीट और गाली-गलौज के लिए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। अब देखना होगा कि मंत्री हटाए जाते हैं या गरीब कर्मचारी नौकरी से हटाया जाता है।”

भाजपा की सफाई

भाजपा ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि कांग्रेस सस्ती राजनीति कर रही है और एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत मंत्री कश्यप की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। भाजपा नेताओं का कहना है कि रसोईए के बयान में विरोधाभास है और कांग्रेस इसे मुद्दा बनाकर राजनीतिक फायदा उठाना चाहती है।

राजनीतिक असर

विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आने वाले दिनों में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है। कांग्रेस लगातार सड़क से सोशल मीडिया तक इस मामले को उठा रही है, वहीं भाजपा सरकार बचाव की मुद्रा में दिखाई दे रही है।

प्रदेश की जनता इस प्रकरण को गरीब बनाम सत्ता के नजरिये से देख रही है। यदि पीड़ित कर्मचारी पर दबाव की खबरें सच साबित होती हैं तो इसका नुकसान ruling party को उठाना पड़ सकता है।

मंत्री केदार कश्यप पर लगे मारपीट और अभद्र भाषा के आरोपों ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। कांग्रेस जहां इसे गरीब कर्मचारी के सम्मान और न्याय की लड़ाई बता रही है, वहीं भाजपा इसे विपक्ष का षड्यंत्र बता रही है। अब सबकी निगाहें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अगले कदम पर हैं—क्या वे मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करेंगे या कांग्रेस को एक और आंदोलन का मुद्दा मिल जाएगा।

file_0000000093d882119d122d54d9d757b5
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.38
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40 (1)
WhatsApp-Image-2026-08-15-at-00.21.47