अधिकारियों ने समझे सायबर-सुरक्षा के खतरे, चुनौतियां और समाधान

भोपाल : भारत सेतु अभ्यास के दूसरे दिन शुक्रवार को सरकारी विभागों के सीआईएसओ अधिकारियों और वरिष्ठ शासकीय अधिकारियों को व्यावहारिक सायबर सुरक्षा ज्ञान और कौशल प्रदान करने के लिए अभ्यास किये गये।

WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0
WhatsApp Image 2026-06-26 at 00.16.05 (1)

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने सरकारी संगठनों को प्रभावित करने वाली सायबर सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की और प्रतिभागियों को विभागीय एवं संगठनात्मक सुरक्षा मजबूत करने की प्रभावी रणनीतियां बतायी।

सीईआरटी-इन के वैज्ञानिक शशांक गुप्ता ने ‘नीति से व्यवहार में प्रभावी सायबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम तैयार करना’ विषय पर प्रकाश डाला। उन्होंने इनसाइडर थ्रेट्स, उच्च मूल्य वाले डेटा, मानव त्रुटियां, सोशल इंजीनियरिंग के खतरे और सीमित सायबर कौशल जैसे मुद्दों को रेखांकित किया।

श्री गुप्ता ने बताया कि वैश्विक स्तर पर 75 प्रतिशत प्रशिक्षण सायबर सुरक्षा पर केंद्रित है, जो इसकी अंतर्राष्ट्रीय महत्ता को दर्शाता है। उन्होंने कमजोरियों की पहचान, सुरक्षा में सुधार और खतरे की त्वरित प्रतिक्रिया पर जोर देते हुए सभी सीआईएसओ को विभाग व जिला स्तर पर नियमित जागरूकता प्रशिक्षण आयोजित करने की सलाह दी।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

वैज्ञानिक मोहित कटारिया ने शासकीय विभागों के लिए नियमित सायबर सुरक्षा ऑडिट्स के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने सीईआरटी-इन के दिशानिर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष में कम से कम एक बार बाहरी ऑडिट अनिवार्य है। इससे एसेट इन्वेंट्री, संस्करण नियंत्रण और परिवर्तन प्रबंधन सुनिश्चित होता है, जिससे सायबर खतरों की संभावना कम होती है। श्री कटारिया ने सॉफ्टवेयर बिल ऑफ मटेरियल्स (एसबीओएम) के लिए वैश्विक साझा दृष्टि में सीईआरटी-इन की भागीदारी का भी उल्लेख किया, जो सायबर सुरक्षा प्रयासों को मजबूत करेगा।

संयुक्त सत्र में शशांक गुप्ता और मोहित कटारिया ने सायबर थ्रेट सिम्युलेशन व इन्शिडेंट रिस्पांस पर व्यावहारिक कार्यशाला का संचालन किया। इसमें प्रतिभागियों को काल्पनिक राज्य ‘अवंती’ पर सायबर हमलों की स्थिति सुलझाने का अभ्यास भी कराया गया। इस अभ्यास ने जोखिम सिम्युलेशन की सर्वोत्तम विधियों और चुस्त रिस्पांस व्यवस्था के महत्व को उजागर किया।