Advertisement

छत्तीसगढ़ में बिजली में होगी सस्ती, उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट इतने पैसे की मिलेगी राहत, GST 2.0 रिफॉर्म से होगा फायदा…..

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए दुर्गा उत्सव के दौरान अच्छी खबर है। प्रदेश में बिजली प्रति यूनिट 11 पैसे सस्ती हो गई है। इसकी वजह कोयले पर लगने वाला कंपनसेशन सेस खत्म होने से छत्तीसगढ़ में बिजली की दरें घट जाएंगी। भारत सरकार द्वारा लागू किए गए जीएसटी रिफार्म 2.0 के तहत कोयले पर लगने वाले कंपनसेशन सेस को समाप्त कर दिया गया है। बिजली वितरण कंपनी के अधिकारियों ने दावा किया है कि अप्रत्याशित रूप से जीएसटी रिफार्म के इस कदम के कारण बिजली उत्पादन की लागत में कमी आएगी, जिससे उपभोक्ताओं को बिजली बिलों में 11 पैसे प्रति यूनिट तक की राहत मिल सकती है।

प्रदेश के करीब 65 लाख बिजली उपभोक्ता इस फैसले से लाभान्वित होंगे। दरों में यह कमी सभी वर्गों पर लागू होगी। जानकारों का कहना है कि उत्पादन लागत कम होने से लंबे समय तक बिजली दरों को स्थिर रखने में भी मदद मिलेगी। केंद्र सरकार ने 22 सितंबर से जीएसटी की नई दरें लागू कर दी हैं। इसके तहत कोयले पर लगने वाला 400 रुपए प्रति टन का कंपनसेशन सेस खत्म कर दिया गया है। थर्मल पावर प्लांट में बिजली बनाने के लिए कोयला मुख्य ईंधन है। सेस खत्म होने से बिजली उत्पादन सस्ता पड़ेगा। हालांकि, केंद्र ने कोयले पर जीएसटी दर 5% से बढ़ाकर 18% कर दी है। इसके बावजूद, कुल मिलाकर बिजली कंपनियों की लागत में राहत ही मिली है।

Gemini_Generated_Image_fohysbfohysbfohy
WhatsApp-Image-2026-03-12-at-6.48.17-PM-1-298x300 (1)
sjjj

छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी के चेयरमैन डा. रोहित यादव ने बताया कि सेस खत्म होने से उन्हें कोयला औसतन 152.36 रुपए प्रति टन सस्ता मिलेगा। इससे बिजली बनाने की लागत में करीब 11.54 पैसे प्रति यूनिट की कमी आएगी। इसका फायदा सीधे राज्य के उपभोक्ताओं को दिया जाएगा।

कंपनसेशन सेस क्या है

कोयला, लिग्नाइट और पीट जैसी चीजों पर प्रति टन एक निश्चित रकम (400 रुपए प्रति टन) कंपनसेशन सेस लिया जाता है। यह पैसा सीधे कंपनसेशन फंड में जमा होता है। इस फंड से उन राज्यों को पैसा दिया जाता है, जिनकी कमाई जीएसटी लागू होने से कम हो गई है। जैसे छत्तीसगढ़ को जीएसटी में बदलाव से पहले सालाना 10,000 करोड़ टैक्स मिलता था। जीएसटी में बदलाव के बाद केवल 8,500 करोड़ मिलने लगा। 1,500 करोड़ की भरपाई कंपनसेशन फंड से की जाएगी। यह पैसा कोयला, तंबाकू, पान मसाला, कार जैसी लग्जरी वस्तुओं पर लगे कंपनसेशन सेस से आता है।

file_0000000093d882119d122d54d9d757b5
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.38
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40 (1)
WhatsApp-Image-2026-08-15-at-00.21.47