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सूरजपुर में मवेशी चोरी का भंडाफोड़: प्रेमनगर पुलिस ने 17 मवेशी बरामद कर दो तस्करों को दबोचा

सूरजपुर में मवेशी चोरी और क्रूरतापूर्वक परिवहन का पर्दाफाश

प्रेमनगर पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार, 17 मवेशी बरामद

मवेशी चोरी की बढ़ती घटनाओं पर लगाम

सूरजपुर । जिले में पिछले कुछ समय से मवेशी चोरी और अवैध परिवहन की घटनाएं लगातार सामने आ रही थीं। ग्रामीणों की शिकायतें पुलिस तक पहुंच रहीं थीं, लेकिन कई बार आरोपी पकड़ से दूर रह जाते थे। इस बार पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए न केवल चोरी हुए मवेशियों को बरामद किया बल्कि तस्करों के पूरे नेटवर्क का भी खुलासा किया है।

3 अक्टूबर 2025 को ग्राम रघुनाथपुर निवासी ननकू राम बरगाह ने थाना प्रेमनगर पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया कि 11 अप्रैल 2025 को उसने अपने दो भैंसे और एक भैंस चरने के लिए छोड़े थे, लेकिन वे लौटकर घर नहीं आए। इसी तरह लखन श्याम का भी एक भैंस गायब हो गया।

शुरुआत में पुलिस ने गुम मवेशी की रिपोर्ट दर्ज की और गांव-गांव तलाश शुरू की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। मामला संदिग्ध लगने पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की।

पुलिस को मिली अहम सूचना

जांच के दौरान थाना चंदौरा से सूचना मिली कि वहां एक अलग प्रकरण में पुलिस ने 17 मवेशी बरामद किए हैं और उन्हें कान्हा गौशाला, जमदेई में सुरक्षित रखा गया है।

जब इन मवेशियों की पहचान कराई गई तो ननकू राम और अन्य गवाहों ने चार मवेशियों को तुरंत पहचान लिया। यह वही जानवर थे जो प्रेमनगर क्षेत्र से चोरी हुए थे।

आरोपी कैसे पकड़े गए?

विवेचना में पता चला कि इस काम में वही लोग शामिल हैं जो पहले भी मवेशी चोरी और तस्करी के मामलों में पकड़े जा चुके हैं। पुलिस ने जाल बिछाकर सईद मुबारक उर्फ गुड्डू (36 वर्ष) और एजाजुल अंसारी (30 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। दोनों ही आरोपी ग्राम मलगा, थाना भटगांव के निवासी हैं।

पूछताछ के दौरान गुड्डू ने कबूल किया कि वह अपने साथी एजाजुल और एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर गांव-गांव घूमकर भैंस-भैंसा चोरी करता था। कई बार वे ग्रामीणों से मवेशी सस्ते दामों में खरीद भी लेते थे और फिर उन्हें अवैध रूप से झारखंड ले जाते थे।

झारखंड ले जाते समय पकड़े गए थे

गुड्डू ने खुलासा किया कि 8 जुलाई 2025 को तीन पिकअप वाहनों में कुल 18 मवेशी भरकर झारखंड ले जाया जा रहा था। प्रत्येक गाड़ी में 6-6 मवेशी ठूंसकर भरे गए थे। तभी थाना चंदौरा पुलिस ने कार्रवाई कर गाड़ियों को पकड़ लिया।

उस समय आरोपी गाड़ी छोड़कर मौके से फरार हो गए थे। बरामद मवेशियों में वही जानवर शामिल थे जो प्रेमनगर क्षेत्र से चोरी हुए थे।

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कानून की धाराएं और सख्त कार्रवाई

पुलिस ने इस मामले में कई धाराएं जोड़ी हैं –

बीएनएस की धारा 111, 325, 349

कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6, 10

पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11(घ)

इन धाराओं के तहत मवेशियों की चोरी, अवैध परिवहन और क्रूरता के लिए कड़ी सजा का प्रावधान है।

पुलिस अधिकारियों की सक्रियता

इस पूरे अभियान में वरिष्ठ अधिकारियों का विशेष मार्गदर्शन रहा।

डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर प्रशांत कुमार ठाकुर ने निर्देश दिए कि आरोपियों को हर हाल में पकड़ा जाए।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो ने पूरे ऑपरेशन की निगरानी की।

मौके पर थाना प्रभारी प्रेमनगर विराट बिशी, एएसआई रंजीत सोनवानी, प्रधान आरक्षक विनय किस्पोट्टा, आरक्षक दीपक यादव, सत्यम सिंह और महिला आरक्षक सिंधू कुजूर की सक्रिय भूमिका रही।

क्षेत्र में मवेशी चोरी का नेटवर्क

ग्रामीण इलाकों में मवेशी चोरी की घटनाएं संगठित अपराध का रूप ले चुकी हैं। आरोपियों का गिरोह गांव-गांव घूमकर मवेशी ढूंढता है और फिर रात में उन्हें चोरी कर झारखंड की ओर रवाना कर देता है।

इन मवेशियों को कई बार अवैध कसाइयों को बेचा जाता है, तो कभी दूसरे राज्यों में ऊंचे दाम पर सप्लाई किया जाता है। पुलिस का मानना है कि इस मामले में और भी लोग शामिल हो सकते हैं।

ग्रामीणों में राहत और चेतावनी

गांव के लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। ननकू राम और लखन श्याम जैसे पीड़ित किसानों ने राहत की सांस ली है क्योंकि उनके मवेशी सुरक्षित वापस मिल गए हैं।

पुलिस ने ग्रामीणों को सचेत किया है कि वे अपने मवेशियों को बिना निगरानी के न छोड़ें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।

पुलिस की चुनौती

ऐसे मामलों में पुलिस को सबसे बड़ी चुनौती होती है –

सीमा पार अपराध – मवेशियों को दूसरे राज्यों में ले जाया जाता है।

रात के समय चोरी – आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मवेशियों को हांक ले जाते हैं।

ग्रामीण इलाकों में जागरूकता की कमी – कई बार ग्रामीण देर से रिपोर्ट दर्ज कराते हैं जिससे जांच में समय लगता है।

प्रेमनगर थाना पुलिस की यह कार्रवाई सूरजपुर जिले में मवेशी चोरी और तस्करी के नेटवर्क पर बड़ी चोट मानी जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी से पुलिस को उम्मीद है कि आगे भी ऐसी घटनाओं पर रोक लगेगी।

ग्रामीणों की सुरक्षा और पशुओं के संरक्षण के लिए पुलिस ने सख्त रवैया अपनाया है।

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