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बलरामपुर और दुर्ग में अफीम खेती पर सियासत तेज, कांग्रेस ने उठाए सवाल

छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती के मामले को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

रायपुर, 15 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश में सामने आए अफीम की खेती के मामले को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि इस पूरे मामले में भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं के संबंध सामने आए हैं और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष Sushil Anand Shukla ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि दुर्ग में अफीम खेती के मामले में सामने आए कथित सरगना विनायक ताम्रकार के भाजपा के कई बड़े नेताओं के साथ करीबी संबंध रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के राष्ट्रीय प्रभारी Ajay Jamwal, संगठन महासचिव B. L. Santhosh, केंद्रीय मंत्री Tokhan Sahu, केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan, दुर्ग सांसद Vijay Baghel, कृषि मंत्री Ramvichar Netam, स्कूल शिक्षा मंत्री Gajendra Yadav और गृह मंत्री Vijay Sharma सहित भाजपा के कई नेताओं के साथ उसकी तस्वीरें और पार्टी कार्यक्रमों में उसकी सक्रिय सहभागिता सामने आई है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि विनायक ताम्रकार केवल एक छोटा मोहरा है और अफीम की खेती के पीछे बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। उनका आरोप है कि इस पूरे मामले में भाजपा का संरक्षण रहा है और इसी कारण अब तक कड़ी कार्रवाई नहीं की गई।
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि प्रदेश में अफीम की खेती की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, क्योंकि बिना सरकार के संरक्षण के इतने बड़े स्तर पर नशे का कारोबार संभव नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा ने विनायक ताम्रकार को केवल निलंबित किया है, जबकि उसे पार्टी से निष्कासित क्यों नहीं किया गया।
कांग्रेस ने यह भी पूछा कि पुलिस ने विनायक ताम्रकार को मुख्य आरोपी क्यों नहीं बनाया और आखिर सरकार उसे क्यों बचा रही है।
उन्होंने कहा कि बलरामपुर जिले में भी अफीम की खेती का मामला सामने आया है। जिस जमीन पर अफीम की खेती हो रही थी, वहां गिरदावरी में दूसरी फसल दर्ज बताई गई थी। इससे यह संकेत मिलता है कि संबंधित सरकारी अमले को इस खेती की जानकारी थी।
कांग्रेस का आरोप है कि यदि सरकारी रिकॉर्ड में दूसरी फसल दर्ज थी, जबकि जमीन पर अफीम की खेती हो रही थी, तो यह स्पष्ट करता है कि यह पूरा मामला सत्ता के संरक्षण में संचालित हो रहा था। पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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Ashish Sinha

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