गोल्ड प्राइस फोरकास्ट: धनतेरस 2025 तक ₹1.3 लाख के पार जा सकता है सोना! जानें निवेश की पूरी रणनीति

गोल्ड प्राइस फोरकास्ट: धनतेरस 2025 तक ₹1.3 लाख के पार जा सकता है सोना! जानें निवेश की पूरी रणनीति

नई दिल्ली। त्योहारों की रौनक के बीच सोना निवेशकों को एक बार फिर सोचने पर मजबूर कर रहा है। इस बार बात केवल चमक की नहीं, बल्कि रिकॉर्ड तोड़ कीमतों की है। जानकारों का कहना है कि 2025 की धनतेरस पर गोल्ड ₹1,30,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है, और यह बढ़त बस शुरुआत हो सकती है।

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गोल्ड की रैली: 2025 में 50% से अधिक की छलांग

MCX पर दिसंबर डिलीवरी वाले कॉन्ट्रैक्ट की बात करें तो बीते सप्ताह गोल्ड ₹1,22,284 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच चुका है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना $4,060 प्रति औंस के करीब दिखा, जो एक नया रिकॉर्ड स्तर है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि इस उछाल के पीछे सिर्फ एक नहीं, बल्कि कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू फैक्टर हैं।

वैश्विक वजहें घरेलू फैक्टर्स
ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें शादी और त्योहारों का सीज़न
अमेरिकी डॉलर में कमजोरी कमजोर रुपया
भूराजनीतिक तनाव (मिडिल ईस्ट, यूक्रेन) उच्च आयात शुल्क और मौसमी मांग
केंद्रीय बैंकों की रिकॉर्ड स्तर पर खरीदारी गोल्ड ETF में 285% की वृद्धि

क्यों डॉलर की कमजोरी सोने के लिए वरदान बनी?

रेलिगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च हेड अजीत मिश्रा के अनुसार, अमेरिकी डॉलर के कमजोर पड़ने से अन्य करेंसी वाले निवेशकों के लिए गोल्ड खरीदना सस्ता हो गया है, जिससे वैश्विक मांग को जबरदस्त बढ़ावा मिला है।

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  • सेफ हेवन: वैश्विक अनिश्चितता और फेड की दर कटौती की संभावनाओं ने सोने को निवेश का सुरक्षित ठिकाना बना दिया है।
  • सेंट्रल बैंक की खरीदारी: एसएमसी ग्लोबल की वंदना भारती बताती हैं कि केंद्रीय बैंक डॉलर पर निर्भरता घटाने के लिए रिकॉर्ड स्तर पर सोना खरीद रहे हैं, जिससे कीमतें नीचे आने ही नहीं दे रही हैं।

धनतेरस 2025 पर कहां पहुंचेगा सोना?

विशेषज्ञों का अनुमान है कि मजबूत वैश्विक और घरेलू मांग के चलते धनतेरस 2025 पर सोना:

  • संभावित रेंज (भारत): ₹1,20,000 से ₹1,30,000 प्रति 10 ग्राम
  • अंतरराष्ट्रीय कीमत अनुमान: $4,150–$4,250 प्रति औंस

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, “जब तक कोई बड़ा आर्थिक या जियोपॉलिटिकल झटका न आए, ₹1.5 लाख का आंकड़ा अभी दूर है।”

क्या 2026 में दिखेगा ₹1.5 लाख का गोल्ड?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्तर 2026 के मध्य से पहले पार हो सकता है, बशर्ते मौजूदा ट्रेंड जारी रहे:

  • वैश्विक ब्याज दरों में निरंतर गिरावट
  • कमजोर वैश्विक ग्रोथ और डॉलर
  • मजबूत सेंट्रल बैंक डिमांड

निवेश करें या रुकें?

  • शॉर्ट टर्म: ₹1.3 लाख पर रिट्रेसमेंट आने की संभावना के चलते शॉर्ट टर्म गेन के लिए सतर्क रहें।
  • लॉन्ग टर्म: मौजूदा तेजी 2026 तक जारी रहने की उम्मीद है, इसलिए लॉन्ग टर्म नजरिए से गोल्ड निवेश एक रणनीतिक विकल्प बना हुआ है।