
अमेरिकी सैन्य स्टोर्स में ट्रंप ब्रांडेड वाइन की बिक्री पर विवाद, आलोचकों ने उठाए नैतिकता के सवाल
फोर्ब्स रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी मिलिट्री स्टोर्स में ट्रंप लेबल वाली वाइन बिक रही है। आलोचकों ने इसे निजी लाभ का मामला बताया। CREW ने कहा- यह नैतिकता का गंभीर मुद्दा है।
अमेरिकी सैन्य स्टोर्स में ट्रंप ब्रांडेड वाइन की बिक्री पर विवाद, आलोचकों ने उठाए नैतिक सवाल
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर विवादों में हैं। इस बार मामला अमेरिकी सैन्य स्टोर्स में ट्रंप ब्रांडेड वाइन की बिक्री का है। फोर्ब्स मैगजीन की रिपोर्ट के अनुसार, वाशिंगटन डीसी, सेंट्रेविले और वर्जीनिया के ड्यूटी फ्री स्टोर्स की अलमारियों पर ट्रंप-लेबल वाली वाइन और साइडर देखे गए हैं।
इस खुलासे के बाद नैतिकता और हितों के टकराव को लेकर बहस तेज हो गई है। आलोचकों ने इसे “संघीय सुविधाओं का निजी लाभ के लिए उपयोग” बताया है।
क्रिप्टो वेंचर पर भी घिरा ट्रंप परिवार
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब ट्रंप परिवार पर आत्म-संवर्धन (Self-Enrichment) के आरोप लग रहे हैं।
2025 की शुरुआत में ट्रंप परिवार के स्वामित्व वाले वित्तीय प्लेटफ़ॉर्म वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल (WLF) ने पाकिस्तान की नवगठित क्रिप्टो सीएच काउंसिल (PCC) के साथ एक हाई-प्रोफाइल लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) पर हस्ताक्षर किए थे।
इस डील में डोनाल्ड ट्रंप “मुख्य क्रिप्टो एडवोकेट” हैं, जबकि उनके बेटे एरिक और डोनाल्ड जूनियर 60% हिस्सेदारी के साथ नेतृत्वकारी भूमिका में हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम अमेरिका-भारत संबंधों को भी प्रभावित कर सकता है।
CREW ने उठाए नैतिक सवाल
वाशिंगटन स्थित निगरानी संगठन Citizens for Responsibility and Ethics (CREW) के प्रवक्ता जॉर्डन लिबोविट्ज़ ने कहा,
“यह भले ही कानूनी उल्लंघन न हो, लेकिन यह नैतिकता का गंभीर मुद्दा है।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि अमेरिकी सरकार इन उत्पादों की खरीद करती है तो यह संविधान के पारिश्रमिक खंड (Emoluments Clause) का उल्लंघन हो सकता है — जो राष्ट्रपति को वेतन के अलावा किसी भी अतिरिक्त लाभ से रोकता है।
ट्रंप प्रतिनिधियों का जवाब
ट्रंप के प्रवक्ताओं ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ये ट्रंप ब्रांड के लाइसेंसिंग उत्पाद हैं और राष्ट्रपति का इनसे कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।
अमेरिकी प्रशासनिक अधिकारियों ने भी पुष्टि की कि बिक्री हुई है, लेकिन इससे किसी कानून का उल्लंघन नहीं हुआ।








