सबरीमाला सोना चोरी मामला: SIT की बड़ी कार्रवाई, TDB के पूर्व अध्यक्ष ए. पद्मकुमार गिरफ्तार; एन. वासु को भी रिमांड
कोल्लम/केरल। सबरीमाला मंदिर से सोना गायब होने के हाई-प्रोफाइल मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (TDB) के पूर्व अध्यक्ष ए. पद्मकुमार को गिरफ्तार कर लिया। इसी बीच, विजिलेंस कोर्ट ने पूर्व अध्यक्ष एन. वासु को भी शाम तक SIT की हिरासत में भेज दिया। इस मामले में अब तक कुल 5 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
मुख्य आरोपी और गिरफ्तारियां
SIT द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी—
- पोट्टी (मुख्य आरोपी)
- ए. पद्मकुमार (पूर्व अध्यक्ष, TDB)
- एन. वासु (पूर्व अध्यक्ष, TDB – 2019)
- दो अन्य संबंधित व्यक्ति
SIT का आरोप है कि मंदिर की सोने की परत चढ़ी प्लेटों को पोट्टी को सौंपने की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं की गईं और उसी दौरान सोना गायब हुआ।
एन. वासु को हिरासत में भेजा गया, बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
गुरुवार को कोल्लम की विजिलेंस कोर्ट ने एन. वासु को SIT रिमांड में भेज दिया।
- वासु को 2019 में पद्मकुमार के बाद TDB का अध्यक्ष बनाया गया था।
- वासु को अदालत में पेश किए जाने के दौरान कोर्ट परिसर के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
- प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए और उस गाड़ी को रोकने की कोशिश की जिसमें उन्हें अदालत से अपराध शाखा कार्यालय ले जाया जा रहा था।
- स्थिति को देखते हुए सुरक्षा बढ़ानी पड़ी।
ए. पद्मकुमार पर क्या आरोप है?
ए. पद्मकुमार 2019 में TDB के अध्यक्ष थे। SIT का आरोप—
- सोने की प्लेटों को आधिकारिक रूप से पोट्टी को सौंपने का प्रस्ताव उनके कार्यकाल में आगे बढ़ाया गया।
- इसी प्रक्रिया में सोना गायब होने की आशंका जताई जा रही है।
जांच टीम ने उन्हें दो बार पूछताछ के लिए नोटिस भेजा था, लेकिन उन्होंने अतिरिक्त समय मांगकर पेश होने से बचते रहे। इसके बाद SIT ने कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया। अब उन्हें कोल्लम विजिलेंस कोर्ट में रिमांड के लिए पेश किया जाएगा।
पद्मकुमार CPI के वरिष्ठ नेता हैं और पत्तनमथिट्टा जिले की कोन्नी विधानसभा सीट से पूर्व विधायक रह चुके हैं।
उन्होंने इन आरोपों से साफ इनकार किया है।
क्या है पूरा मामला?
सबरीमाला मंदिर से सोने के लेपित पवित्र प्लेटों के गायब होने की जांच के लिए SIT गठित की गई थी।
- जांच एजेंसियों को संदेह है कि सोना पोट्टी को सौंपने की आधिकारिक प्रक्रिया में ही हेराफेरी की गई।
- SIT इसी कड़ी में उच्च स्तर के अधिकारियों और TDB के पूर्व पदाधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही है।











