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PM Poshan में एल्यूमिनियम बर्तन खरीदी पर बड़ा आरोप: विकास उपाध्याय ने सरकार पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप

पोषण योजना के टेंडर में अनियमितता का आरोप: विकास उपाध्याय ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

रायपुर, 12 दिसंबर 2025। रायपुर लोकसभा प्रत्याशी एवं छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व संसदीय सचिव और रायपुर पश्चिम के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने आज पत्रकारवार्ता में राज्य सरकार पर प्रधानमंत्री पोषण योजना (PM POSHAN) में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और नियमों की अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बच्चों के भोजन पकाने के लिए खरीदे जा रहे एल्यूमिनियम बर्तन न केवल केंद्र के निर्देशों के खिलाफ हैं, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक हैं।


एल्यूमिनियम बर्तनों पर रोक के बावजूद टेंडर जारी — विकास उपाध्याय

उपाध्याय ने कहा कि केंद्र सरकार तथा सुप्रीम कोर्ट की स्पष्ट गाइडलाइन के बावजूद छत्तीसगढ़ सरकार ने एल्यूमिनियम के बर्तनों की खरीदी की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह खरीद प्रक्रिया ‘‘फिक्सिंग’’ का परिणाम है, जिसमें सिर्फ चुनिंदा फर्मों को लाभ पहुंचाने की रणनीति अपनाई गई है।

“बच्चों के भोजन को एल्यूमिनियम बर्तनों में पकाना स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है।” — विकास उपाध्याय


सुप्रीम कोर्ट की नाराज़गी के बाद भी सीख नहीं?

हाल ही में स्पोर्ट्स किट टेंडर मामले में उच्चतम न्यायालय ने रिटेंडर का आदेश दिया था।
विकास उपाध्याय ने कहा कि यह दर्शाता है कि राज्य की खरीद प्रक्रिया पर भरोसा खत्म होता जा रहा है और अब PM POSHAN से जुड़े टेंडर भी संदेह के घेरे में हैं।


केंद्र की रोक के बाद भी जारी हुआ टेंडर

भारत सरकार ने पोषण योजना में एल्यूमिनियम बर्तनों के उपयोग को स्वास्थ्य जोखिम बताते हुए प्रतिबंधित किया था।
इसके बावजूद राज्य सरकार ने एल्यूमिनियम आधारित सामग्री के टेंडर जारी कर दिए।

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उन्होंने पूछा—

“जब केंद्र और विशेषज्ञ दोनों इसकी मनाही कर रहे हैं, तो फिर सरकार बच्चों की सेहत से खिलवाड़ क्यों कर रही है?”


फिक्सिंग और मिलीभगत का आरोप

उपाध्याय ने कहा कि शिकायतों में लगातार तीन फर्मों के नाम सामने आ रहे हैं—

  • NR Associates
  • Ganpati Enterprises
  • Shri Ram Creation

आरोप यह भी है कि टेंडर की शर्तें इस तरह तैयार की गईं कि इन्हीं फर्मों को पात्रता मिले और बाकी सप्लायर्स तकनीकी खामियों के नाम पर बाहर कर दिए जाएं।

उन्होंने कहा कि विभाग के कुछ प्रभावी अधिकारियों और चुनिंदा ठेकेदारों की मिलीभगत से टेंडर प्रक्रिया प्रभावित की जा रही है।


“यह राजनीति नहीं, बच्चों की सुरक्षा की लड़ाई” — उपाध्याय

विकास उपाध्याय ने कहा—

“यदि टेंडरों को निजी संपत्ति की तरह बांटा जाएगा, तो यह लोकतंत्र नहीं—लूटतंत्र होगा। प्रधानमंत्री की मंशा को पलीता लगाना बंद होना चाहिए। बच्चों के मामले में पीएमओ को हस्तक्षेप करना चाहिए।”


शिकायतकर्ताओं की मांगें

शिकायतकर्ताओं और सामाजिक संगठनों ने निम्न मांगें की हैं—

  1. पोषण अभियान में केंद्र के निर्देशों का पालन करते हुए एल्यूमिनियम बर्तनों पर तत्काल रोक।
  2. सभी टेंडरों की पारदर्शी समीक्षा — कौन जीता, कौन बाहर हुआ और क्यों।
  3. PM POSHAN गाइडलाइन का पूर्ण पालन।
  4. आरोप सिद्ध होने पर अधिकारियों और ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई।
  5. विभाग में सक्रिय कथित गठजोड़ की जांच और विघटन।

पत्रकार वार्ता में उपस्थित

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर,
सुरेन्द्र वर्मा,
सत्यप्रकाश सिंह,
अशोक ठाकुर,
संदीप तिवारी,
विनोद कश्यप
उपस्थित रहे।


 

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