
Bastar Women Farmers: बस्तर की महिला किसानों को दिल्ली में ‘मिलेनियर फार्मर ऑफ इंडिया–2025’ अवॉर्ड
छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले की दो महिला किसानों सुमनी कश्यप और नेत्री बाई कश्यप को दिल्ली में ‘मिलेनियर फार्मर ऑफ इंडिया–2025’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। पढ़िए पूरी खबर।
बस्तर की बेटियों ने रचा इतिहास, दिल्ली में मिला ‘मिलेनियर फार्मर ऑफ इंडिया–2025’ अवॉर्ड

विपरीत हालात में गांव में रहकर खेती को बनाया सफलता की कहानी
जगदलपुर | 17 दिसंबर 2025| छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल बस्तर जिले की महिलाएं अब खेती-किसानी के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं। कठिन परिस्थितियों, सीमित संसाधनों और रोजगार के लिए शहरों की ओर हो रहे पलायन के दौर में गांव में रहकर संघर्ष का रास्ता चुनने वाली बस्तर की दो महिला किसानों ने देश की राजधानी नई दिल्ली में प्रदेश का नाम रोशन किया है।
बस्तर जिले के बकावंड जनपद की दो प्रगतिशील महिला किसान छिंदगांव की सुमनी कश्यप और करीतगांव की नेत्री बाई कश्यप को प्रतिष्ठित ‘मिलेनियर फार्मर ऑफ इंडिया–2025’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान नई दिल्ली के पूसा स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) में आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया गया।

गांव में रहकर रची सफलता की कहानी
यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि इन महिलाओं ने प्रतिकूल परिस्थितियों में भी अपने गांव में रहकर खेती को आजीविका का मजबूत साधन बनाया। उन्होंने स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए कृषि में नवाचार, उन्नत बीज, आधुनिक तकनीक और बेहतर उत्पादन पद्धतियों को अपनाया। इनके प्रयासों ने न केवल उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया, बल्कि वे आत्मनिर्भर महिला किसान की मिसाल बनकर उभरी हैं।

राष्ट्रीय मंच पर बस्तर का प्रतिनिधित्व
दिल्ली में आयोजित इस राष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान बस्तर की इन महिला किसानों ने आधुनिक कृषि तकनीक, एग्री-स्टार्टअप, मार्केटिंग और उद्यमिता से जुड़े विभिन्न सत्रों में भाग लिया। इससे उन्हें वैश्विक स्तर पर हो रहे कृषि परिवर्तनों को समझने और नए अवसरों से जुड़ने का मौका मिला।
बस्तर जैसे आदिवासी क्षेत्र से निकलकर देश की राजधानी में प्रतिनिधित्व करना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इनकी सफलता निश्चित रूप से क्षेत्र के लाखों युवाओं और महिलाओं के लिए प्रेरणा बनेगी।

बिहान योजना से मिली मजबूती
सम्मानित दोनों महिलाएं बिहान योजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं और पिछले कुछ समय से खेती में नए-नए प्रयोग कर रही हैं। समूह आधारित कार्यप्रणाली और सरकारी योजनाओं के सहयोग से उन्होंने खेती को लाभकारी व्यवसाय में बदला है।
दिग्गजों के हाथों मिला सम्मान
इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में कृषि जागरण द्वारा आयोजित समारोह में पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री श्री अजय मिश्रा टेनी और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के महानिदेशक डॉ. मांगी लाल जाट ने इन महिला किसानों को सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को अन्नदाता और मिट्टी को सोना बनाने वाला बताते हुए उनके योगदान की सराहना की गई।









