
ऊना में छात्रों से बोले अनुराग ठाकुर, 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका अहम
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने ऊना में छात्रों से संवाद करते हुए कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प की सिद्धि में युवाओं और शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका निर्णायक है।
2047 तक विकसित भारत के संकल्प में छात्रों की भूमिका अहम: अनुराग ठाकुर
ऊना।केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से प्रगति के पथ पर अग्रसर है और 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प की सिद्धि में छात्रों और युवाओं की भूमिका सबसे अहम है।
ऊना जिले के बसाल स्थित रूद्रा इंटरनेशनल स्कूल के वार्षिक समारोह में छात्रों से संवाद करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि बीते दस वर्षों में देश में ऊर्जा, उत्साह और सकारात्मकता से भरा माहौल बना है, जिसे आज पूरी दुनिया देख रही है।
2014 से 2025 तक के बदलावों का किया उल्लेख
अनुराग ठाकुर ने कहा कि
2014 से 2025 के बीच भारत में हुए ऐतिहासिक परिवर्तन 2047 के विकसित भारत की मजबूत नींव रख रहे हैं।
उन्होंने विशेष रूप से शिक्षा, युवाओं की भागीदारी और संस्थागत विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि आज देश के शैक्षणिक संस्थानों में एक नया उत्साह और जागरूकता दिखाई दे रही है।
उन्होंने कहा कि आज के छात्र
- बौद्धिक रूप से अधिक जागृत हैं,
- सांस्कृतिक रूप से सशक्त हो रहे हैं,
- और देश के विकास में सक्रिय योगदान दे रहे हैं।
युवा ही भारत की सबसे बड़ी ताकत
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसका युवा वर्ग है।
उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे शिक्षा के साथ-साथ
➡ नवाचार,
➡ राष्ट्र सेवा,
➡ और सामाजिक जिम्मेदारियों
को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि सरकार युवाओं के लिए
- नई शिक्षा नीति,
- स्टार्टअप और नवाचार,
- खेल और कौशल विकास
जैसी योजनाओं के माध्यम से बेहतर अवसर उपलब्ध करा रही है।
छात्रों से संवाद को बताया प्रेरणादायी
अनुराग ठाकुर ने कहा कि ऊना के बसाल में छात्रों से संवाद करना उनके लिए प्रेरणादायी अनुभव रहा।
उन्होंने स्कूल प्रबंधन, शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका की भी सराहना करते हुए कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में शिक्षा संस्थानों का योगदान महत्वपूर्ण है।
विकसित भारत की ओर बढ़ता देश
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज भारत न केवल आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है, बल्कि
- सांस्कृतिक,
- वैज्ञानिक,
- और वैश्विक स्तर पर भी
अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।
उन्होंने विश्वास जताया कि वर्तमान पीढ़ी के छात्र ही आने वाले वर्षों में विकसित भारत के निर्माण में नेतृत्वकारी भूमिका निभाएंगे।







