
कोयला तस्करी केस: ED की 10 ठिकानों पर छापेमारी, ममता बनर्जी की मौजूदगी में जब्ती को लेकर विवाद
पश्चिम बंगाल कोयला तस्करी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने PMLA के तहत 10 ठिकानों पर छापेमारी की। ED ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मौजूदगी में सबूत जबरन हटाए गए।
कोयला तस्करी मामला: ED की 10 ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई, ममता बनर्जी की मौजूदगी में सबूत हटाने का आरोप
कोयला तस्करी से जुड़े बहुचर्चित मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ा कदम उठाते हुए बुधवार को पश्चिम बंगाल और दिल्ली में कुल 10 परिसरों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है। ED के अनुसार यह जांच अनूप माजी उर्फ लाला के नेतृत्व वाले कथित कोयला तस्करी सिंडिकेट से संबंधित है, जिसने वर्षों तक अवैध तरीके से कोयला निकालकर उसकी बिक्री की और उससे प्राप्त धन को मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए खपाया।
ED ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई CBI कोलकाता की FIR संख्या RC0102020A0022 (दिनांक 27 नवंबर 2020) के आधार पर की जा रही है। इस FIR में कोयला तस्करी, अवैध उत्खनन, चोरी और संगठित आपराधिक गतिविधियों के आरोप दर्ज हैं। इसके बाद ED ने ECIR संख्या ECR/17/HIU/2020 (दिनांक 28 नवंबर 2020) के तहत मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
जांच एजेंसी का दावा है कि अनूप माजी के नेतृत्व में चल रहे सिंडिकेट ने ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) के लीजहोल्ड क्षेत्रों से बड़े पैमाने पर कोयले की चोरी की। यह कोयला अवैध रूप से निकाला गया और बाद में पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में फैक्ट्रियों, ईंट-भट्टों और अन्य औद्योगिक इकाइयों को बेचा गया।
ED की जांच में सामने आया है कि अवैध कोयले की बिक्री बांकुड़ा, बर्धमान, पुरुलिया समेत कई जिलों में की गई। जांच एजेंसी का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क संगठित था, जिसमें
- कोयला चोरी करने वाले
- ट्रांसपोर्टर
- बिचौलिये
- और अंतिम खरीदार
शामिल थे।
ED के मुताबिक, कोयला बिक्री से जो अवैध धन अर्जित हुआ, उसे सीधे उपयोग में न लाकर हवाला नेटवर्क के जरिए घुमाया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि
- शेल कंपनियों के जरिए पैसों की लेयरिंग की गई
- फर्जी लेन-देन दिखाकर धन को वैध रूप देने की कोशिश की गई
- कई व्यक्तियों ने हवाला संचालन में सक्रिय भूमिका निभाई
इनमें हवाला ऑपरेटर्स, हैंडलर्स और लाभार्थियों की पहचान की जा चुकी है, जो वर्तमान में PMLA जांच के दायरे में हैं।
ED मुख्यालय यूनिट द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार,
- 6 परिसरों पर पश्चिम बंगाल में
- 4 परिसरों पर दिल्ली में
तलाशी अभियान चलाया गया। जांच एजेंसी ने कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह शांतिपूर्ण और पेशेवर तरीके से की जा रही थी।
ED ने अपने बयान में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि तलाशी अभियान उस समय विवादों में घिर गया, जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पुलिस और राज्य प्रशासन के अधिकारियों के साथ एक आरोपी से जुड़े परिसर में पहुंचीं।
ED का दावा है कि मुख्यमंत्री के पहुंचने के बाद
- तलाशी अभियान में बाधा उत्पन्न हुई
- दो परिसरों से भौतिक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जबरन हटाए गए
- जांच अधिकारियों को आधिकारिक कार्यवाही से रोका गया
ED के अनुसार, इससे PMLA के तहत चल रही जांच और कानूनी प्रक्रिया में अवरोध पैदा हुआ।
ED ने यह भी कहा कि तलाशी के दौरान
- साउथ कोलकाता के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस
- सारणी पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी
मौके पर मौजूद थे। जांच एजेंसी के मुताबिक, अधिकृत अधिकारी द्वारा उन्हें कानूनी प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई, लेकिन इसके बावजूद हस्तक्षेप किया गया।
तेज होते राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच ED ने साफ शब्दों में कहा है कि यह कार्रवाई
- पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर की गई है
- किसी राजनीतिक दल या राजनीतिक प्रतिष्ठान को निशाना नहीं बनाया गया
- किसी भी पार्टी कार्यालय की तलाशी नहीं ली गई
ED ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई
- किसी चुनाव से जुड़ी नहीं है
- बल्कि मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ नियमित प्रवर्तन अभियान का हिस्सा है।
ED का दावा है कि तलाशी और जब्ती की पूरी प्रक्रिया
- स्थापित कानूनी प्रावधानों
- न्यायिक दिशानिर्देशों
- और संवैधानिक सुरक्षा उपायों
के तहत की गई है।
इस कार्रवाई के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। एक ओर जहां विपक्षी दल इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम बता रहे हैं, वहीं सत्तारूढ़ दल की ओर से केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि, इस पूरे मामले पर अभी तक राज्य सरकार की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सूत्रों के अनुसार,
- जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की जाएगी
- हवाला नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ तेज की जाएगी
- आने वाले दिनों में समन और गिरफ्तारियों की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है
ED ने संकेत दिया है कि कोयला तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े इस मामले में जांच अभी जारी है और आगे और भी खुलासे हो सकते हैं।












