
हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीक में भारत की बड़ी छलांग, DRDO ने 12 मिनट का सफल स्क्रैमजेट टेस्ट किया
DRDO की DRDL लैब ने हाइपरसोनिक मिसाइल विकास में बड़ी सफलता हासिल की। स्क्रैमजेट इंजन का 12 मिनट से अधिक समय तक सफल ग्राउंड टेस्ट कर भारत ने रक्षा तकनीक में नया कीर्तिमान बनाया।
हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीक में भारत को बड़ी सफलता, DRDO ने स्क्रैमजेट इंजन का 12 मिनट से अधिक सफल परीक्षण किया
नई दिल्ली। भारत ने हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। रक्षा मंत्री कार्यालय (RMO India) के अनुसार, हैदराबाद स्थित DRDO की प्रमुख प्रयोगशाला Defence Research & Development Laboratory (DRDL) ने हाइपरसोनिक मिसाइल विकास की दिशा में पाथ-ब्रेकिंग माइलस्टोन हासिल किया है।
DRDL ने Actively Cooled Scramjet Full Scale Combustor का लंबे समय तक चलने वाला ग्राउंड टेस्ट सफलतापूर्वक पूरा किया। यह परीक्षण 9 जनवरी 2026 को अत्याधुनिक Scramjet Connect Pipe Test (SCPT) Facility में किया गया, जिसमें स्क्रैमजेट इंजन ने 12 मिनट से अधिक का निरंतर रन टाइम हासिल किया।
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, स्क्रैमजेट इंजन हाइपरसोनिक मिसाइलों की सबसे महत्वपूर्ण तकनीक होती है, जो Mach 5 से अधिक गति पर उड़ान भरने में सक्षम होती हैं। इस तकनीक में हवा को सीधे इंजन में प्रवेश कराकर दहन किया जाता है, जिससे मिसाइल अत्यंत तेज़ गति और लंबी दूरी तक मार करने में सक्षम बनती है।
इस सफल परीक्षण से यह स्पष्ट हो गया है कि भारत अब हाइपरसोनिक हथियार प्रणाली के स्वदेशी विकास की दिशा में निर्णायक चरण में पहुंच चुका है। यह उपलब्धि न केवल भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूती देगी, बल्कि देश को विश्व के चुनिंदा हाइपरसोनिक तकनीक संपन्न देशों की श्रेणी में भी स्थापित करेगी।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह सफलता भविष्य में एडवांस्ड हाइपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल और रणनीतिक हथियार प्रणालियों के विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी, जिससे भारत की सामरिक बढ़त और राष्ट्रीय सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी।












