Ayodhya Ramlala Aarti Live Darshan 12 January: रामलला का दिव्य श्रृंगार, चार समय लगता है भोग
अयोध्या | धर्म समाचार| अयोध्या धाम में विराजमान संपूर्ण ब्रह्मांड के नायक प्रभु श्री रामलला सरकार का प्रतिदिन भव्य और अलौकिक श्रृंगार किया जाता है। माघ माह के कृष्ण पक्ष दशमी तिथि, विक्रम संवत 2082 (सोमवार, 12 जनवरी) को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में प्रभु श्री रामलला का विशेष दिव्य श्रृंगार संपन्न हुआ।
रामलला को प्रतिदिन चार समय भोग अर्पित किया जाता है। सभी भोग और प्रसाद राम मंदिर की पवित्र रसोई में शुद्ध वैदिक परंपरा के अनुसार तैयार किए जाते हैं।
सुबह की शुरुआत बाल भोग से
दिन की शुरुआत प्रभु श्री रामलला को बाल भोग अर्पित करने से होती है। इसके बाद नियमित पूजा-अर्चना और आरती संपन्न होती है।
समयानुसार होती है आरती
- प्रातः आरती – सुबह 6:30 बजे
- दोपहर भोग आरती – दोपहर 12:00 बजे
- संध्या आरती – शाम 7:30 बजे
इसके पश्चात रात 8:30 बजे प्रभु श्री रामलला को शयन कराया जाता है।
भक्त रात 7:30 बजे तक ही दर्शन कर सकते हैं।
ऋतु के अनुसार बदलते हैं वस्त्र
रामलला को हर दिन और मौसम के अनुसार अलग-अलग वस्त्र धारण कराए जाते हैं।
- गर्मियों में – हल्के और सूती वस्त्र
- सर्दियों में – स्वेटर और ऊनी वस्त्र
प्रभु की फूलों की माला विशेष रूप से दिल्ली से मंगाई जाती है, जो उनके श्रृंगार को और भी दिव्य बनाती है।
जागरण से शुरू होती है पूजा
प्रातः प्रभु को जगाने के साथ पूजा की शुरुआत होती है। इसके बाद लेप, स्नान, वस्त्र धारण और श्रृंगार की प्रक्रिया पूरी की जाती है। प्रतिदिन भक्तों को भगवान श्री राम नए स्वरूप में दर्शन देते हैं।











