
मनरेगा बचाओ संघर्ष: सरगुजा में मोदी सरकार के खिलाफ कांग्रेस का एक दिवसीय उपवास, जरिता लैतफलांग ने बोला हमला
सरगुजा के अंबिकापुर में मनरेगा योजना में बदलाव के विरोध में कांग्रेस ने गांधी चौक पर एक दिवसीय उपवास रखा। जरिता लैतफलांग और बालकृष्ण पाठक ने मोदी सरकार पर निशाना साधा।
मनरेगा बचाओ संघर्ष: मोदी सरकार के खिलाफ कांग्रेस का एक दिवसीय उपवास, सरगुजा में गांधी चौक पर धरना
अंबिकापुर | राजनीति | ग्रामीण रोजगार | रोजगार की गारंटी देने वाली मनरेगा योजना को समाप्त किए जाने और उसकी मूल भावना से छेड़छाड़ के विरोध में आज जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा द्वारा कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव एवं छत्तीसगढ़ की सहप्रभारी सुश्री जरिता लैतफलांग के नेतृत्व में गांधी चौक, अंबिकापुर में एक दिवसीय उपवास एवं धरना प्रदर्शन किया गया।
यह धरना-उपवास कांग्रेस द्वारा घोषित 45 दिवसीय “मनरेगा बचाओ संघर्ष” आंदोलन के तहत आयोजित किया गया। इसी क्रम में आज देशभर के जिला मुख्यालयों में कांग्रेस द्वारा एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम रखा गया था।
शास्त्री जी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की पुण्यतिथि पर उनके चित्र एवं महात्मा गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की गई। प्रातः 9 बजे शुरू हुआ धरना शाम 4 बजे तक चला। उपवास का समापन गुड़-चूड़ा ग्रहण कर किया गया।
जरिता लैतफलांग का मोदी सरकार पर तीखा हमला
इस अवसर पर कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव सुश्री जरिता लैतफलांग ने कहा कि
“मोदी सरकार मनरेगा को समाप्त कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को तहस-नहस कर रही है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में देश के लगभग 12 करोड़ पंजीकृत मनरेगा मजदूरों को 50 दिन का रोजगार भी नहीं मिल पा रहा, जबकि अखबारों में 125 दिन रोजगार देने के झूठे विज्ञापन दिए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि
“जिन गांवों में न नेटवर्क है, न डिजिटल साक्षरता, वहां रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसे खोखले दावे कर नई योजना थोपी जा रही है, जो सिर्फ जुमला है।”
जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक का बयान
जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि
“महात्मा गांधी के नाम से चल रही मनरेगा योजना से उनका नाम हटाने के उद्देश्य से सरकार ने हिंदी-अंग्रेजी के बेमेल नाम के साथ प्रभु राम का नाम जोड़ दिया, जो प्रभु राम का भी अपमान है।”
उन्होंने कहा कि नई योजना लाकर मोदी सरकार ने
- रोजगार की गारंटी को अव्यवहारिक बना दिया
- ग्राम पंचायतों को रोजगार प्रक्रिया से बाहर कर उन्हें कमजोर किया
- ग्रामीण स्वशासन व्यवस्था पर सीधा हमला किया
मनरेगा मजदूर और कांग्रेस कार्यकर्ता रहे मौजूद
गांधी चौक पर करीब 7 घंटे चले इस उपवास में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में मनरेगा मजदूर उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से—
पूर्व केबिनेट मंत्री प्रेमसाय सिंह, अमरजीत भगत, अजय अग्रवाल, डॉ. अजय तिर्की, मो. इस्लाम, रामविनय सिंह, विनय शर्मा, तिलक बेहरा, बलराम यादव, इंद्रजीत सिंह धंजल, अमित सिंहदेव, नारद गुप्ता, मुनेश्वर राजवाड़े, फुलसाय लकड़ा, संध्या रवानी, अनिमा केरकेट्टा, संजय सिंह, जमील खान, कलीम खान, मेराज गुड्डू, मो. बाबर, लोकेश कुमार, अमित तिवारी राजा, विकल झा, आशीष जायसवाल, चंद्रप्रकाश सिंह, रजनीश सिंह, नीतीश चौरसिया, निकी खान, सतीश बारी, सोहन जायसवाल, शुभम जायसवाल, प्रमोद चौधरी, उत्तम राजवाड़े, अमित सिन्हा, सौरभ फिलिप, प्रीति सिंह, अमित सिंह, विकास केशरी, दिनेश शर्मा, सीपू सिंह, परवेज आलम गांधी, तरणराज सिंह, शिवांशु गुप्ता, संजर नवाज, नुजहत फातिमा, श्रीमती हमीदा, चंचला सांडिल्य, सपना सिन्हा, शकीला सिद्दकी, रश्मि सोनी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल रहे।










