मणिकर्णिका घाट पर बुलडोजर कार्रवाई: प्रियंका गांधी का हमला, बोलीं–धार्मिक विरासत मिटाना घोर पाप

मणिकर्णिका घाट पर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर प्रियंका गांधी का तीखा हमला

“विकास के नाम पर धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत मिटाना घोर पाप”

नई दिल्ली/वाराणसी, 15 जनवरी 2026/ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर गहरी नाराज़गी जताई है। उन्होंने इसे सदियों पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत पर सीधा प्रहार बताते हुए इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।

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प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा कि मणिकर्णिका घाट न केवल धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की स्मृतियाँ भी जुड़ी हुई हैं।


“विकास के नाम पर धरोहरों को मिटाया जा रहा”

प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि—

“विकास के नाम पर, चंद लोगों के व्यावसायिक हितों के लिए देश की धार्मिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों को मिटाना घोर पाप है।”

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उन्होंने कहा कि इससे पहले भी बनारस में रिनोवेशन के नाम पर कई सदी पुराने मंदिरों को ध्वस्त किया जा चुका है, जो काशी की आत्मा पर आघात है।


काशी की पहचान मिटाने की साजिश का आरोप

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि काशी केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारत की—

  • धार्मिक चेतना
  • आध्यात्मिक परंपरा
  • और सांस्कृतिक पहचान

का केंद्र है।
उन्होंने आरोप लगाया कि—

“काशी की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान मिटाने की ये साजिशें तत्काल बंद होनी चाहिए।”


राजनीतिक हलकों में तेज़ हुई बहस

प्रियंका गांधी के इस बयान के बाद मणिकर्णिका घाट पर की गई कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस तेज़ हो गई है। विपक्ष इसे धरोहर संरक्षण बनाम विकास का मुद्दा बता रहा है, जबकि प्रशासनिक स्तर पर अब तक आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतज़ार है।