एसआईआरओ और मनरेगा बचाओ संघर्ष: टी.एस. सिंहदेव की कांग्रेस नेताओं के साथ संयुक्त बैठक, मतदाता सत्यापन नियमों पर जताई कड़ी आपत्ति

एसआईआरओ और मनरेगा बचाओ संघर्ष को लेकर कांग्रेस की बड़ी रणनीति बैठक

पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव बोले— नए नियमों से लाखों गरीब मतदाताओं का मताधिकार छीना जा सकता है

अंबिकापुर | 15 जनवरी 2026 |पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने आज एसआईआरओ (SIR0) की दावा-आपत्ति प्रक्रिया और मनरेगा बचाओ संघर्ष को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी, सभी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों एवं मंडल अध्यक्षों की संयुक्त बैठक ली। यह बैठक ऐसे समय में आयोजित की गई है जब एसआईआरओ प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है और ए एवं बी कैटेगरी के लाखों मतदाताओं के सत्यापन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM

राजनीतिक दलों के साथ हुई साप्ताहिक बैठक में अनुविभागीय अधिकारी, अंबिकापुर द्वारा दी गई अनौपचारिक जानकारी के अनुसार, ए और बी श्रेणी के कई मतदाताओं को अब अतिरिक्त दस्तावेजों के माध्यम से सत्यापन कराना अनिवार्य किया गया है। इस जानकारी के सामने आने के बाद कांग्रेस ने इसे मताधिकार पर सीधा हमला करार दिया है।


किन मतदाताओं को बताया गया जांच के दायरे में

बैठक में बताया गया कि निम्न श्रेणियों के मतदाता जांच के दायरे में रखे गए हैं—

  • जिन मतदाताओं के नाम के अक्षरों का 2003 की मतदाता सूची से मिलान नहीं हुआ
  • एक ही पिता के नाम से जुड़े 6 से अधिक मतदाता
  • पिता-पुत्र की आयु का अंतर 15 वर्ष से कम या 40 वर्ष से अधिक
  • ऐसे मतदाता जिनके दादा की आयु से अंतर 40 वर्ष से कम है

इन सभी श्रेणियों के मतदाताओं को अब दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे, जिन्हें बीएलए ऐप के माध्यम से अपलोड किया जाएगा।
साप्ताहिक बैठक में यह जानकारी भी सामने आई कि ऐसे मतदाताओं की संख्या अकेले सरगुजा जिले में दो लाख से अधिक हो सकती है।


 कांग्रेस का आरोप— गाइडलाइन बदली गई, समय बेहद कम

कांग्रेस नेताओं ने बैठक में कहा कि एसआईआरओ प्रक्रिया की शुरुआत में जारी गाइडलाइन में इन नियमों का कोई उल्लेख नहीं था
पूर्ववर्ती व्यवस्था के अनुसार—

  • यदि स्वयं का नाम 2003 की सूची में था
  • या माता-पिता का नाम 2003 की सूची में दर्ज था

तो किसी भी दस्तावेज की आवश्यकता नहीं थी

लेकिन नई गाइडलाइन लागू होने के बाद लाखों गरीब, ग्रामीण और साधनविहीन मतदाताओं को दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए मजबूर किया जा रहा है
इसके लिए 19 जनवरी तक की समय-सीमा तय की गई है, जिसे कांग्रेस ने पूरी तरह अपर्याप्त बताया।


टी.एस. सिंहदेव का बड़ा बयान

बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा—

“चुनाव आयोग का काम हर वयस्क नागरिक को मताधिकार देना है, न कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाने में बाधाएं खड़ी करना। अनायास थोपे गए नए नियमों के कारण बड़ी संख्या में गरीब और साधनविहीन मतदाता अपने अधिकार से वंचित हो सकते हैं।”

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

उन्होंने कांग्रेस पार्टी के सभी बीएलए (Booth Level Agent) को निर्देश दिया कि वे—

  • अपने-अपने बूथ के बीएलओ से तुरंत संपर्क करें
  • प्रभावित मतदाताओं की सूची प्राप्त करें
  • बीएलओ के माध्यम से दस्तावेज अपलोड कराने में सक्रिय भूमिका निभाएं

निर्वाचन अधिकारियों को लिखा गया पत्र

कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्री बालकृष्ण पाठक ने बैठक को जानकारी दी कि—

  • जिला निर्वाचन अधिकारी
  • प्रदेश निर्वाचन पदाधिकारी
  • मुख्य चुनाव आयुक्त

को इस विषय में पत्र लिखकर विस्तृत जानकारी एवं सूची की मांग की गई है
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि मतदाता अधिकारों से जुड़े इस मुद्दे पर वह किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी।


मनरेगा बचाओ संघर्ष: गांव-गांव मांगा जाएगा रोजगार

बैठक का दूसरा प्रमुख एजेंडा मनरेगा बचाओ संघर्ष रहा।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि लगभग एक वर्ष से मनरेगा के तहत काम ठप पड़ा है और इसके स्थान पर केंद्र सरकार द्वारा लाई गई वीबी-जी राम जी योजना रोजगार गारंटी की भावना के खिलाफ है।

पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा—

“कांग्रेस गांव-गांव जाकर पंजीकृत मजदूरों से काम मांगने के आवेदन लगवाएगी। इन आवेदनों को सार्वजनिक किया जाएगा, ताकि यह साफ हो सके कि सरकार रोजगार देने में पूरी तरह विफल है।”

उन्होंने कहा कि यह संघर्ष रोजगार गारंटी के अधिकार की रक्षा के लिए है और इससे सरकार की नई योजना की वास्तविकता जनता के सामने आएगी।


अमरजीत भगत का हमला

पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री अमरजीत भगत ने कहा—

“मनरेगा हर हाथ को काम देने की गारंटी योजना थी। उसके स्थान पर लाई गई नई योजना एक छलावा है। कांग्रेस इस सच्चाई को हर पंजीकृत मजदूर तक पहुंचाएगी।”


नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्षों का सम्मान

बैठक से एक दिन पूर्व ही एआईसीसी द्वारा छत्तीसगढ़ के नए ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति की गई थी।
बैठक में सरगुजा जिले के दसों सांगठनिक ब्लॉक अध्यक्षों को पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव के हाथों नियुक्ति पत्र सौंपे गए

कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने उन्हें शीघ्र—

  • ब्लॉक कार्यकारिणी गठन
  • संगठन विस्तार
  • पार्टी विचारधारा को मजबूत करने

के निर्देश दिए।


बैठक में ये नेता रहे मौजूद

बैठक में पूर्व मंत्री अमरजीत भगत, अजय अग्रवाल, जेपी श्रीवास्तव, डॉ. अजय तिर्की, विक्रमादित्य सिंहदेव, रामविनय सिंह, मो. इस्लाम, सिद्धार्थ सिंहदेव, विनय शर्मा, इंद्रजीत सिंह धंजल, प्रदीप गुप्ता पालू, बलराम यादव, अमित सिंहदेव, विक्रम सिंह, नारद गुप्ता, संजय विश्वकर्मा, विनीत जायसवाल, अनीमा केरकेट्टा, ओमप्रकाश सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी उपस्थित रहे।