त्रुटि रहित गिरदावरी कार्य शत प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश

प्रभा सिंह यादव/ब्यूरो चीफ/सरगुजा// राज्य शासन द्वारा फसल उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना संचालित की जा रही है। इसके साथ ही स्वच्छ वातावरण निर्मित करने के लिए मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना भी क्रियान्वित की जा रही है। कलेक्टर संजीव कुमार झा के द्वारा इन दोंनो योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन हेतु गिरदावरी के निष्पादन एवं पर्यवेक्षण को ध्यान में रखकर त्रुटि रहित गिरदावरी कार्य को ग्राम पंचायतवार, ग्रामवार करने के निर्देश दिया गया है।

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गिरदावरी कार्य किए जाने की सूचना ग्रामवासियों एवं ग्राम पंचायत को पर्याप्त समय पूर्व दिया जाएगा तथा गिरदावारी कार्य हल्का पटवारी ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी एवं पंचायत सचिव को संयुक्त रूप से की जाएगी। हल्का पटवरी अपने गिरदावारी कार्य के संबंध में ग्रामवार पंचनामा तैयार करेंगे। पटवारी द्वारा खेत में बोई गई फसल का विवरण खसरा पांचसाला एवं भुईया साफ्टवेयर में दर्ज किया जाएगा।

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पर्यवेक्षण हेतु संबंधित राजस्व निरीक्षक एवं कृषि विकास अधिकारी को अपने अधीनस्त क्षेत्र के गिरदावरी कार्य में कम से कम 10 प्रशितशत कार्यों को रेण्डम के अनुसार जांच करने कहा गया है। जिले में पदस्थ राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी कृषि, तहसीलदार नायब तहसीलदार, अधीक्षक भू-अभिलेख,सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी को एक या दो राजस्व निरीक्षक मण्डल अंतर्गत आने वाले ग्रामों के गिरदावरी कार्य के प्रर्यवेक्षण की जवाबदारी सौंपने कहा गया है।

पटवारी द्वारा किए जाने वाले गिरदावरी कार्य की जांच कर ऑनलाईन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने कहा गया है। इस व्यवस्था के तहत होने वाले समस्त कार्य के लिए समय-सीमा निर्धारित कर उन्हें समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। खरीफ मौसम के लिए यह कार्य 30 सितम्बर तक तथा रबी मौसम के लिए यह कार्य 31 जनवरी 2022 तक पूर्ण करने कहा गया है।

ग्रामवार फसल क्षेत्राच्छादन का प्रतिवेदन क्रमशः 1 अक्टूबर व 1 फरवरी तक, करने के निर्देश दिए गए हैं। खरीफ व रबी मौसम कें लिए दावा-आपत्तियों का निराकण 15 अक्टूबर व 15 फरवरी तक करने के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है। दावा-आपत्तियों के अनुसार खसरा पांचसाला तथा साफ्टवेयर में संशोधन के लिए 31 अक्टूबर व 28 फरवरी तक पूर्ण करने के लिए निर्देश दिए गए हैं।