नई दिल्ली, 1 फरवरी 2026/ Union Budget 2026–27 में केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र, खासकर कैंसर और दुर्लभ बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बड़ी राहत दी है। केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान घोषणा की कि 17 जरूरी दवाओं और मेडिसिन्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) को पूरी तरह से समाप्त किया जाएगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य गंभीर बीमारियों के इलाज को अधिक सस्ता, सुलभ और मरीजों के अनुकूल बनाना है। कैंसर जैसी बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाएं आमतौर पर महंगी होती हैं, जिससे मरीजों और उनके परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है। कस्टम ड्यूटी में छूट से इन दवाओं की कीमतों में कमी आने की उम्मीद है।
रेयर डिजीज के मरीजों को भी राहत
बजट में एक और अहम घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार 7 और दुर्लभ बीमारियों (Rare Diseases) को उस सूची में शामिल करेगी, जिनके इलाज में उपयोग होने वाली दवाओं, मेडिसिन्स और Special Medical Purpose Food के व्यक्तिगत आयात पर इंपोर्ट ड्यूटी से छूट दी जाती है।
इस फैसले से उन मरीजों को विशेष राहत मिलेगी, जिन्हें इलाज के लिए विदेशों से दवाएं या विशेष पोषण उत्पाद मंगाने पड़ते हैं। अब ऐसे आयात पर लगने वाला अतिरिक्त कर बोझ नहीं उठाना पड़ेगा।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में संवेदनशील फैसला
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों ने इस फैसले को मरीज-केंद्रित और मानवीय कदम बताया है। उनका कहना है कि रेयर डिजीज और कैंसर जैसी बीमारियों में समय पर इलाज और दवाओं की उपलब्धता जीवन और मृत्यु का प्रश्न बन जाती है।
BJP ने इस घोषणा को #ViksitBharatBudget के तहत साझा करते हुए कहा कि मोदी सरकार आम नागरिकों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दे रही है और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को आर्थिक राहत देने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
दवाओं की कीमतों में कमी की उम्मीद
विशेषज्ञों के अनुसार कस्टम ड्यूटी हटने से आयातित दवाओं की लागत घटेगी, जिसका सीधा असर बाजार मूल्य पर पड़ेगा। इससे न सिर्फ मरीजों को फायदा होगा, बल्कि देश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
सरकार का मानना है कि ये फैसले विकसित भारत के उस लक्ष्य को मजबूत करेंगे, जिसमें हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और सुलभ इलाज उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।











