
छत्तीसगढ़ की नई स्टार्टअप नीति को मंजूरी, 5 साल में 5 हजार स्टार्टअप को मिलेगा बूस्टर
छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30 को मंजूरी दी। नीति के तहत 5 वर्षों में 5 हजार स्टार्टअप, 100 करोड़ का स्टार्टअप फंड, सीड फंड और विशेष सब्सिडी का प्रावधान।
छत्तीसगढ़ की नई स्टार्टअप नीति को मंजूरी, 5 साल में 5 हजार स्टार्टअप को मिलेगा बूस्टर
रायपुर, 04 फरवरी 2026/छत्तीसगढ़ राज्य मंत्रिपरिषद ने आज “छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30” को मंजूरी प्रदान की। इस नई नीति का उद्देश्य राज्य में मजबूत, समावेशी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करना है, जिससे नवाचार को बढ़ावा मिले, रोजगार सृजन हो और सतत आर्थिक विकास को गति मिले।
नई स्टार्टअप नीति के अंतर्गत वर्ष 2030 तक 5,000 से अधिक नए पंजीकृत स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य तय किया गया है। नीति के माध्यम से स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता, इनक्यूबेशन, मेंटरशिप, बाजार संपर्क, क्षमता निर्माण, प्रौद्योगिकी एवं बौद्धिक संपदा संरक्षण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
नीति में 100 करोड़ रुपये का छत्तीसगढ़ स्टार्टअप कैपिटल फंड, 50 करोड़ रुपये का क्रेडिट रिस्क फंड, सीड फंड (10 लाख रुपये तक), ब्याज अनुदान, किराया अनुदान, पेटेंट एवं गुणवत्ता प्रमाणीकरण सहायता, रोजगार सृजन सब्सिडी सहित कई महत्वपूर्ण प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है।
महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति-जनजाति, दिव्यांगजन, सेवानिवृत्त सैनिक, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों तथा पब्लिक वेलफेयर और सर्कुलर इकोनॉमी से जुड़े स्टार्टअप्स के लिए विशेष प्रोत्साहन नीति का अहम हिस्सा है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि राज्य में हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत मेगा इनक्यूबेटर्स और जिला स्तर पर स्पोक इनक्यूबेटर्स स्थापित किए जाएंगे, जिससे नवाचार और उद्यमिता को हर जिले तक पहुंचाया जा सके।
यह नीति “अमृतकाल–छत्तीसगढ़ विज़न 2047” के अनुरूप है और राज्य को स्टार्टअप व इनोवेशन का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।











