
छत्तीसगढ़ में स्टार्टअप्स को बड़ा सपोर्ट: कैबिनेट से 2025-30 की नई स्टार्टअप नीति मंजूर, 100 करोड़ का कैपिटल फंड
छत्तीसगढ़ सरकार ने नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए नई स्टार्टअप नीति 2025-30 को मंजूरी दी है। सीड फंड से लेकर 100 करोड़ रुपये के कैपिटल फंड, ब्याज अनुदान, क्रेडिट रिस्क फंड और रोजगार प्रोत्साहन जैसे प्रावधानों से राज्य का स्टार्टअप इकोसिस्टम मजबूत होगा।
छत्तीसगढ़ में स्टार्टअप्स को मिलेगा बड़ा समर्थन
कैबिनेट ने 2025-30 की नई स्टार्टअप नीति को दी मंजूरी, 5 साल में 5,000 स्टार्टअप को मिलेगा बूस्ट
रायपुर, 04 फरवरी 2026/छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य को एक नवाचार और स्टार्टअप हब के रूप में विकसित करने की दिशा में एक मजबूत कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज महानदी मंत्रालय भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में “छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30” को मंजूरी दी गई। इस नीति के लागू होने से स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी और युवाओं को उद्यमिता के नए अवसर प्राप्त होंगे।
सरकार ने बताया कि “अमृतकाल : छत्तीसगढ़ विज़न @2047” के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए नवाचार आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना आवश्यक है। पहले राज्य में स्टार्टअप पैकेज मौजूद था, लेकिन पृथक नीति न होने से इनक्यूबेशन, निवेश और नवाचार को अपेक्षित गति नहीं मिल पा रही थी। नई नीति इसे दूर करते हुए स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई दिशा देगी।
नई नीति का मकसद छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी स्टार्टअप राज्य बनाना और प्रदेश में नवाचार, रोजगार सृजन और सतत आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करना है।
• वर्ष 2025-30 तक 5,000 से अधिक स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करना
• वित्तीय सहायता, मेंटरशिप, बाजार संपर्क और प्रौद्योगिकी समर्थन देना
• नवाचार आधारित युवा उद्यमियों को सशक्त करना
स्टार्टअप कैपिटल और सीड फंड
• 100 करोड़ रूपए का छत्तीसगढ़ स्टार्टअप (कैपिटल) फंड, जिससे SEBI-पंजीकृत AIF के जरिए निवेश सुनिश्चित होगा।
• शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को 10 लाख रुपये तक सीड फंड सहायता दी जाएगी।
क्रेडिट सहायता
• ₹50 करोड़ का क्रेडिट रिस्क फंड, जिससे स्टार्टअप्स को बिना संपार्श्विक ऋण की सुविधा मिलेगी।
• मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स को 5 वर्षों तक 75% तक ब्याज अनुदान (₹50 लाख तक) मिलेगा।
बाजार विस्तार एवं प्रमोशन
• राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रमों में भागीदारी पर 50% अनुदान (यात्रा, पंजीकरण और बूथ शुल्क)।
• डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन खर्च की प्रतिपूर्ति।
• सफल निवेश जुटाने पर फंडरेजिंग प्रोत्साहन।
अन्य प्रोत्साहन
• सरकारी खरीद में प्राथमिकता और छूट।
• भूमि/भवन दस्तावेजों पर स्टाम्प शुल्क में छूट।
• किराए पर 3 वर्षों तक किराया अनुदान।
• पेटेंट, गुणवत्ता प्रमाणन, तकनीक क्रय में अनुदान।
रोजगार प्रोत्साहन उपाय
नई नीति में रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान हैं:
• 10+ स्थायी रोजगार देने वाले स्टार्टअप्स को:
- महिला कर्मचारियों के लिए ₹6,000/माह तक सहायता
- पुरुष कर्मचारियों के लिए ₹5,000/माह तक सहायता
• दिव्यांगजन, सेवानिवृत्त अग्निवीर और नक्सल-प्रभावित/पीड़ितों को रोजगार देने पर 40% तक अनुदान 5 वर्षों तक मिलेगा।
इनक्यूबेशन और मेक इन इंडिया समर्थन
• हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत मेगा इनक्यूबेटर्स स्थापित होंगे।
• जिलों में स्पोक इनक्यूबेटर्स स्थापित कर नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा।
• इनक्यूबेटर्स को परियोजना लागत का 75% तक अनुदान, निजी इनक्यूबेटर्स को 50% अनुदान (₹3 करोड़ तक)।
• बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में 10% अतिरिक्त सहायता।
कॉलेज इनोवेशन & स्टार्टअप सेल
राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कॉलेज इनोवेशन & स्टार्टअप सेल स्थापित किया जाएगा, जिसमें चयनित कॉलेज को ₹5 लाख प्रति वर्ष सहायता दी जाएगी।
सरकार का मानना है कि छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30 से निवेश बढ़ेगा, नए स्टार्टअप्स को सहायता मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे। यह नीति राज्य को राष्ट्रीय स्टार्टअप मानचित्र में अग्रणी स्थान दिलाएगी।









