
DMF सलाहकार समिति की 21वीं बैठक: अवैध उत्खनन पर ड्रोन-आईटी निगरानी और खनिज 2.0 से सख़्त मॉनिटरिंग के निर्देश
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में महानदी भवन में DMF सलाहकार समिति की 21वीं बैठक संपन्न। खनन परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन और अवैध उत्खनन पर सख़्त निगरानी के निर्देश।
छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 21वीं बैठक संपन्न
अवैध उत्खनन पर आईटी–ड्रोन आधारित सख़्त निगरानी एवं खनिज 2.0 पोर्टल से DMF कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग के निर्देश
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में आज मंत्रालय महानदी भवन, रायपुर में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि (DMF) सलाहकार समिति की 21वीं बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य में संचालित खनन परियोजनाओं की प्रगति, DMF मद से स्वीकृत विकास कार्यों तथा खनन प्रभावित क्षेत्रों में जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य में सभी खनन परियोजनाओं का क्रियान्वयन गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि खनिज संसाधनों से प्राप्त निधि का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए किया जाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने अवैध उत्खनन, अवैध परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर आईटी एवं ड्रोन आधारित निगरानी प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से अवैध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित ड्रोन सर्विलांस किया जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने खनिज 2.0 पोर्टल के माध्यम से DMF से संचालित कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग एवं जिला प्रशासन पोर्टल पर कार्यों की अद्यतन, सटीक एवं समय-समय पर जानकारी अनिवार्य रूप से अपलोड करें, ताकि परियोजनाओं की प्रगति, वित्तीय स्थिति एवं जमीनी क्रियान्वयन की सतत निगरानी की जा सके।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि DMF राशि का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, स्वच्छता, कौशल विकास एवं आजीविका जैसे प्राथमिक क्षेत्रों में किया जाए, जिससे खनन प्रभावित क्षेत्रों में निवासरत नागरिकों के जीवन स्तर में वास्तविक सुधार हो सके।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि स्वीकृत परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए तथा जिन कार्यों में प्रगति संतोषजनक नहीं है, वहां जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि खनिज संसाधन राज्य की अमूल्य धरोहर हैं और उनका उपयोग सतत विकास एवं जनकल्याण के उद्देश्य से किया जाना चाहिए।
बैठक में सलाहकार समिति के सदस्यों द्वारा DMF से संबंधित विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए गए। मुख्यमंत्री ने सभी सुझावों पर गंभीरतापूर्वक विचार करने एवं व्यवहारिक प्रस्तावों को शीघ्र लागू करने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पारदर्शिता, तकनीक आधारित निगरानी एवं सख़्त प्रशासनिक नियंत्रण के माध्यम से छत्तीसगढ़ में खनन क्षेत्र को अधिक जवाबदेह, प्रभावी और जनहितैषी बनाया जाएगा।









