ED Action: कोलकाता विदेशी मुद्रा रैकेट का खुलासा, मास्टरमाइंड दीपक गोयल गिरफ्तार, 291 करोड़ की संपत्ति जब्त

ED की बड़ी कार्रवाई: कोलकाता के विदेशी मुद्रा रैकेट का मास्टरमाइंड दीपक गोयल गिरफ्तार, 291 करोड़ की संपत्ति जब्त


कोलकाता | 04 फरवरी 2026 |प्रवर्तन निदेशालय (ED), कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय ने विदेशी मुद्रा व्यापार के नाम पर करोड़ों की ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए दीपक गोयल को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पीएमएलए-2002 (धन शोधन निवारण अधिनियम) के तहत की गई है।

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माननीय विशेष न्यायालय (पीएमएलए), कोलकाता ने 31 जनवरी 2026 को दीपक गोयल और उसके 5 सहयोगियों के खिलाफ तीसरी अभियोजन शिकायत का संज्ञान लेते हुए आरोपियों के विरुद्ध गैर-जमानती वारंट जारी किया था। इसके बाद ED ने यह गिरफ्तारी की।


कैसे हुआ 2000 करोड़ का विदेशी मुद्रा घोटाला?

जांच में सामने आया कि दीपक गोयल डीजी ग्लोबल फॉरेक्स ट्रेडिंग घोटाले का मास्टरमाइंड है। उसने विदेशी मुद्रा व्यापार (Forex Trading) के नाम पर जनता से करीब 2000 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध वसूली की।

ED के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क एक पॉन्जी स्कीम के तहत संचालित किया जा रहा था, जिसमें निवेशकों को अधिक रिटर्न का लालच देकर फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए ठगा गया।


फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से की जाती थी ठगी

जांच में पता चला कि:

  • डीजी ग्लोबल फॉरेक्स,
  • आईजीएल ग्लोबल,
  • आईजीएल एकेडमी प्राइवेट लिमिटेड

जैसी कंपनियों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए निवेशकों से पैसे ऐंठे जाते थे।

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इन प्लेटफॉर्म्स पर दिखावटी मुनाफा दिखाकर लोगों को दोबारा निवेश के लिए उकसाया जाता था, जबकि असल में पैसा विदेशी मुद्रा व्यापार में न लगाकर निजी ऐशो-आराम और संपत्ति खरीदने में खर्च किया गया।


कोलकाता, महाराष्ट्र और गुजरात में दर्ज हैं मामले

इस पूरे मामले में:

  • कोलकाता पुलिस
  • महाराष्ट्र पुलिस
  • गुजरात पुलिस

द्वारा विभिन्न एफआईआर दर्ज की गई हैं। इन शिकायतों के आधार पर ED ने IPC की विभिन्न धाराओं के तहत जांच शुरू की।


पहले भी जारी हो चुका है गिरफ्तारी वारंट

ED ने बताया कि 07 सितंबर 2022 को भी दीपक गोयल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था, लेकिन वह लंबे समय से फरार चल रहा था।

लगातार तकनीकी सर्विलांस और इनपुट के आधार पर आखिरकार उसे गिरफ्तार किया गया।


कई राज्यों में फैला था नेटवर्क

जांच में खुलासा हुआ कि:

  • यह रैकेट देश के कई राज्यों में सक्रिय था।
  • निवेश के नाम पर हजारों लोगों से रकम वसूली गई।
  • एजेंट नेटवर्क के जरिए आम जनता को जाल में फंसाया जाता था।

291 करोड़ की संपत्ति जब्त

ED ने अब तक इस घोटाले में:

₹291 करोड़ की चल-अचल संपत्ति जब्त

की है, जिसमें शामिल हैं:

  • नकदी
  • सोना
  • अचल संपत्ति
  • लग्ज़री वाहन
  • बैंक बैलेंस
  • कार्यालय एवं व्यावसायिक परिसर

आगे भी जारी रहेगी जांच

ED के अनुसार:

“इस मामले में आगे की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी बड़ी गिरफ्तारियां और संपत्ति जब्ती संभव है।”